Home उत्तराखंड नवरात्रि के पहले दिन एंबुलेंस में जन्मी बच्ची, मां बेटी दोनों स्वस्थ

नवरात्रि के पहले दिन एंबुलेंस में जन्मी बच्ची, मां बेटी दोनों स्वस्थ

59
0

पिथौरागढ़- बेरीनाग के डांगी गांव की रहने वाली जानकी मेहता के घर नवरात्रि खुशियां लेकर आई है। कुछ माह पूर्व अपने पति को खो चुकी जानकी के लिये बिटिया का आगमन किसी चमत्कार से कम नहीं था। वह भी तब, जब डॉक्टरों ने हायर सेंटर के लिये रिफर कर दिया हो। जानकी ने थल के पास 108 सेवा के वाहन में ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
जानकी देवी के पति मोहन सिंह मेहता की मौत कुछ महीनों पहले हो चुकी है। जानकी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर उनके परिजनों ने 108 सेवा को फ़ोन किया। इसके बाद शनिवार की शाम को 6 बजे 108 के वाहन से जानकी को बेरीनाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर भर्ती करा दिया गया। लेकिन रात को 10.30 बजे अस्पताल के डाक्टरों द्वारा उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल पिथौरागढ़ के लिये रिफर कर दिया गया। भारी बारिश के बीच जब उसे 108 सेवा के वाहन में पिथौरागढ़ ले जाया जा रहा था कि थल के पास ही जानकी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

एंबुलेस को रोककर ईएमटी मोहित सिंह ने 108 सेवा के कॉल सेंटर में चिकित्सक से सलाह ली तो डाक्टर ने नजदीकी अस्पताल ले जाने को कहा। इसके बाद महिला को थल के नजदीक गौचर (थल ) के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया लेकिन थल में अस्पताल कर्मियों ने जानकी देवी को पिथौरागढ़ के लिये रिफर कर दिया। इसके बाद फिर 108 सेवा की एंबुलेंस महिला को लेकर पिथौरागढ़ के लिये चली। एंबुलेस 3 किमी ही चली होगी कि जानकी देवी प्रसव पीड़ा से कराहने लगी। पिथौरागढ़ से दूरी अधिक थी और कोई रास्ता ना देख एंबुलेस के ईएमटी मोहित सिंह व पायलट राजन ने कॉल सेंटर में कॉल कर टेलीफोनिक मदद से प्रसव कराने का निर्णय लिया। इसके बाद लगभग रात के 1.27 बजे जानकी देवी ने एक कन्या को जन्म दिया। बच्ची के जन्म के बाद मां और बच्ची को 108 कर्मी वहां से 3 किमी दूर थल अस्पताल ले गये। वहां स्टाफ नर्स की मदद से बच्चे की सफाई की गयी व महिला को प्रसवोपरांत आवश्यक उपचार दिया गया। इसके बाद महिला व उसकी मां के आग्रह करने पर जच्चा बच्चा को बेरीनाग अस्पताल लाकर रात के करीब 3.30 बजे भर्ती कराया गया। जहां जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।