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संस्थागत प्रसव के प्रतिशत को बढ़ाया जाए: मुख्यमंत्री

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  • दस किमी की परिधि में मिलेें स्वास्थ्य सुविधाएं
  • जीवनरक्षक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित हो
    देहरादून – मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने सचिवालय में शुक्रवार को चिकित्सा, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक ली।
    मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखण्ड में दस किमी की परिधि में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर समयबद्धता से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव के प्रतिशत को बढ़ाया जाए। प्रसव के तुरंत बाद नवजात को मां का दूध पिलाए जाने के महत्व को प्रचारित किए जाने की आवश्यकता है। सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाईयों की उपलब्धता को सुनिश्चित कर लिया जाए। जिन जिलों में बालिका लिंगानुपात अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री, सचिवालय में चिकित्सा, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। यह समीक्षा सीएम डैश बोर्ड में निर्धारित के.पी.आई. के आधार पर की गई।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य में स्वास्थ्य सूचकों में काफी सुधार हुआ है। स्वास्थ्य के विभिन्न क्षेत्रों में तय किए गए टार्गेट को पूरा करने के लिए इसी प्रतिबद्धता से आगे भी काम करना होगा। अस्पतालों में प्रसव सुविधाओं में और सुधार किया जाए। न्यूट्रिशनल रिहेबिलिटेशन सेंटरों (एनआरसी) से वापिस घर जाने वाले कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की ट्रेकिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 तक सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वैलनैस सेंटर में अपग्रेड किया जाना है। आवश्यकता समझे जाने पर स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। जीवनरक्षक दवाईयों की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
    बैठक में बताया गया कि उत्तराखंड स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के मामले में देश के अन्य राज्यों से आगे है।