Home उत्तराखंड संविधान और सभ्यता पर आज गंभीर खतरा – प्रशांत भूषण

संविधान और सभ्यता पर आज गंभीर खतरा – प्रशांत भूषण

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अल्मोड़ा। सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने रविवार को यहां स्व. शमशेर सिंह बिष्ट की पुण्यतिथि पर आयोजित स्मृति समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने एक खास बातचीत में बताया कि वर्तमान में देश में साम्प्रदायिक फासीवाद का एक दौर चल रहा है, जिसमें वर्तमान सरकार न्यायपालिका, मीडिया, चुनाव आयोग, नियत्रंक एवं महालेखा परीक्षक, सीबीसी और सीबीआई समेत तमाम लोकतांत्रिक संस्थानों को ध्वस्त करने का कार्य कर रही है। इन संस्थानों के उपर लगातार हमले हो रहे हैैं, जिससे संविधान व सभ्यता पर खतरा पैदा हो गया है। भूषण ने कहा कि सरकार देश के नामी विवि को खत्म करने पर तुली हुई है। देश में एक गुंडाराज चला दिया गया है। मॉबलिंचिंग के नाम पर सड़कों पर किसी को भी मार दिया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया लोगों की अभिव्यक्ति का एक माध्यम है लेकिन यहां सरकार की आलोचना करने वालों को डराया धमकाया जा रहा है, उन्हें गंदी भद्दी गालियों के अलावा मारने की धमकी दी जा रही है। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। समाज में लोगों के बीच साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि इन सबका संचालन देश के प्रधानमंत्री स्वयं कर रहे हैं। इस समस्या को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में जो झूठी अफवाहें फैलायी जा रही हैं, उन्हें रोकना होगा। भूषण का कहना था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है इसलिए भाईचारा व बंधुता का संदेश देते हुए आगे बढ़ना होगा।