Home उत्तराखंड तीस साल में भी नहीं लग पायी कोई औद्योगिक इकाई

तीस साल में भी नहीं लग पायी कोई औद्योगिक इकाई

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बलवंत रावत
टिहरी। स्वरोजगार को बढ़ावा देने और बेरोजगारी खत्म करने के सरकार के दावों को विभागीय अधिकारी किस तरह से पलीता लगा रहे हैं, इसकी बानगी देखने को मिलती है टिहरी जिले के दूरस्थ गांव सरोट में।
डोबन सरोट गांव के पास 1990 के दशक में यूपी सरकार के उद्योग विभाग द्वारा गांव के पास मिनी इंडस्ट्रीयल इस्टेट विकसित करने के नाम पर ग्रामीणों से ओने पौने दामों पर करीब 150 नाली भूमि ली गई और लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने का सपना दिखाया गया। लेकिन आज तक लोगों का वह सपना पूरा नहीं हो पाया।उत्तराखण्ड बनने के बाद 2014-15 में सिडकुल द्वारा उक्त भूमि को विकसित किया गया। सड़क,पार्क,गेट का निर्माण कर औद्योगिक इकाईयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई और उद्योग विभाग द्वारा कमेटी बनाकर 19 लोगों के आवेदन स्वीकृत किये गए।
सरकार बदलने के बाद कार्य ठंडे बस्ते में चला गया और निर्माण कार्य ठप पड़ गया, जिसके बाद से ग्रामीण उद्योग विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं लेकिन विभागीय अधिकारी उनकी सुनने को तैयार नहीं हैं। वे मामला शासन में पेंडिंग होने की बात कह रहे हैं। जब डीएम से इस बाबत बात की गई तो उन्होंने उद्योग विभाग के साथ बात करने का आश्वासन दिया। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते आज मिनी इंडस्ट्रीयल इस्टेट जंगल में तब्दील हो चुकी है और ग्रामीणों का स्वरोजगार का सपना, सपना ही बनकर रह गया, जिससे आज वो खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।