Home उत्तराखंड सट्टेबाजी का धंधा जोरों पर, पुलिस की ढिलाई या मिलीभगत ?

सट्टेबाजी का धंधा जोरों पर, पुलिस की ढिलाई या मिलीभगत ?

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कोटद्वार- पुलिस की निष्क्रियता के चलते शहर में इन दिनों सट्टे का काला कारोबार अपने चरम पर है। शहर का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं बचा है, जहां पर सट्टे का धंधा न चल रहा हो। इसकी गिरफ्त में फंस कर कई लोग कम समय में अधिक धन कमाने के लालच में अपनी मेहनत से कमाई हुई जमा-पूंजी गंवा रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि शिकायतें करने के बाद भी पुलिस ने आज तक इस सामाजिक बुराई को रोकने में कभी भी दिलचस्पी नहीं ली। अधिकतर लोग इसके पीछे पुलिस और सट्टा कारोबारियों में मिलीभगत होने को मुख्य वजह मानते हैं। शहर के आमपड़ाव, गाड़ीघाट, लकड़ी पड़ाव, काशीरामरामपुर तल्ला, काशीरामरामपुर मल्ला और घनी आबादी वाले कुछ अन्य मोहल्लों में सट्टा कारोबारी खुलेआम अपना धंधा चला रहे हैं। उधर, शहर से लगे शिवपुर चौक, ग्रास्टनगंज, स्नेह समेत भाबर क्षेत्र में कई जगहों पर सट्टे की पर्चियां काटी जाती हैं। चिंताजनक बात यह है कि बच्चे और महिलाएं भी कमाई के लालच में सट्टेबाजी के दलदल में फंसते जा रहे हैं। इस सबसे बेपरवाह नगर पुलिस सिर्फ वाहनों की चैकिंग और चालान में अपना फ़र्ज़ अदा कर रही है।