Home उत्तराखंड प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने पर सरकारी अध्यापक बर्खास्त

प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने पर सरकारी अध्यापक बर्खास्त

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हरिद्वार – प्रदेश सरकार ने फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले नटवरलालों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। इसके तहत जहां एक तरफ शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की एसआईटी से जांच कराई जा रही है वहीं दूसरी तरफ फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों की बर्खास्तगी भी शुरू कर दी गई है। ऐसे ही एक प्रकरण में प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने पर भगवानपुर के टांडा घिडियान में तैनात सहायक अध्यापक को बर्खास्त कर दिया गया है। ​एसआईटी की रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। इसके अलावा तीन और शिक्षकों को भी निलंबित मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है।
भगवानपुर ब्लाक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय टांडा घिडियान में तैनात सहायक अध्यापक मगन सिंह के पास फर्जी प्रमाणपत्र होने की शिकायत एसआईटी को मिली थी। एसआईटी की ओर से मामले की जांच की गई तो शिक्षक की बीए की डिग्री फर्जी निकली। डिप्टी ईओ भगवानपुर कुंदन सिंह ने बताया कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ब्लाक में आठ अन्य शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही चल रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी तीन शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था। शिक्षक इस निर्णय के​ खिलाफ हाईकोर्ट चले गये थे। कोर्ट ने ​शिक्षा विभाग को एसआईटी जांच के अलावा विभागीय जांच करने के आदेश दिये हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद शिक्षकों को बहाल कर दिया गया था। लेकिन तीनों शिक्षकों को निलंबित मानकर उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। हरिद्वार जिले में कई शिक्षकों की एसआईटी जांच चल रही है, ​जिसमें कई शिक्षकों पर गाज गिरने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश भर में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले फर्जी शिक्षकों की तादाद काफी है, इसलिए पूरे प्रदेश में ऐसी जांच करवायी जानी चाहिए।