Home उत्तराखंड केंद्रीय मंत्री गंगवार के बयान से भड़की उत्तराखंड नव निर्माण सेना

केंद्रीय मंत्री गंगवार के बयान से भड़की उत्तराखंड नव निर्माण सेना

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देहरादून-उत्तराखंड नवनिर्माण सेना ने केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार मंत्री संतोष गंगवार के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि देश में नौकरियों की कमी नहीं अपितु उत्तरभारत में योग्य युवाओं की कमी है।
संगठन का कहना है कि इस बयान के माध्यम से केंद्रीय मंत्री ने उन युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों का अपमान किया है, जो कभी JP, तो कभी अन्ना आंदोलन का आधार रहे हैं तथा आज भी बदलाव का माद्दा रखते हैं। सेना के अनुसार,मंत्री का ये बयान देश में व्याप्त मंदी तथा रोज़गार के सृजन पर सरकार की असफलता को छुपाने का प्रयास मात्र है और कुछ भी नहीं । केंद्र तथा राज्य सरकार रोज़गार तथा आर्थिक हालात को सम्हालने में पूर्णत: विफल रही हैं । बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि रोजगार के नाम पर आज कोई नेता शिक्षित युवाओं से पान या पकोड़े बेचने, कोई भीख मांगने को रोज़गार बता रहा है तो कोई युवाओं की योग्यता पर ही प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।
संगठन के प्रदेश महासचिव सुशील कुमार त्यागी का कहना है कि आज समस्त देश दीशाहीन नीति निर्धारण के चलते आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है । जिसके चलते देश की अनेक बड़ी कंपनियां निर्माण कार्य क्रमिक रूप से बंद कर रही हैं । इन हालात के चलते लाखों की संख्या में अस्थाई कर्मचारी बेरोजगार हो रहे हैं । आज देश से शिक्षित युवा पलायन कर रहे हैं । अगर रोज़गार उपलब्ध है तो IIT , IIM , BITS से पढ़ा विधार्थी आज से देश से बाहर क्यों जा रहे हैं । आज देश में ग्रेजुएट युवा 300 रुपए की दिहाड़ी करने को बाध्य है। देश की बड़ी कंपनियों के सामने आपने रेज्यूम लिए लाखों की संख्या में शिक्षित बेरोजगार खड़े हैं , किन्तु महिंद्रा , टाटा , मारुती , फॉक्सवेगन जैसी बड़ी कम्पनियाँ नये लोगों से रेज्यूम लेना तो दूर खुद के स्टाफ की छंटनी तक कर रही हैं ।

कुछ समय पूर्व रेलवे के 90 हजार पदों पर 2 करोड़ 60 लाख आवेदन देश में रोज़गार की दशा दिखाने हेतु पर्याप्त
हैं, जिनमें 3 लाख MA ,1200 MBA तथा 360 B.TEC थे। उत्तराखंड में भी अल्परोज़गार की समस्या पर राज्य सरकार के पास कोई समाधान नहीं है। राज्य में शिक्षित बेरोजगारी दर 17% के आसपास है । हाल में आई रिपोर्ट के अनुसार राज्य में लगभग 3700 लघु उद्योग बंद हो चले हैं । सिडकुल से लगातार फैक्ट्रियां पलायन कर रही हैं । छोटे व्यापारी टैक्स तथा नियमों की मार से न सिर्फ शोषित हो रहा है बल्कि कुंठित भी होता जा रहा है । त्यागी के मुताबिक, बेहतर होगा कि केंद्र तथा राज्य सरकार रोज़गार के सृजन पर गंभीर चिंतन- मंथन कर सकारत्मक कदम उठायें । उनका कहना है कि उत्तराखंड नवनिर्माण सेना इन आर्थिक हालात में युवाओं के हितों की रक्षा व रोज़गार की मांग को लेकर जनता को एकजुट कर राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी ।