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जानिए, वाहन चलाते समय एक आम नागरिक के 10 बड़े अधिकार

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देहरादून: देश में अधिकतर वाहन चलाने वाले नागरिकों को मोटर एक्ट और अपने अधिकारों की पूरी जानकारी नहीं होती है। यही वजह है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के लागू होने के बाद से आम वाहन चालकों में भय का माहौल पैदा हो गया है। आए दिन किसी न किसी वाहन के चालान में भारी जुर्माना लगने की खबरें इस भय को और बढ़ाने का कार्य कर रही हैं। हालात ये हैं कि 1 सितम्बर से अब तक प्रदूषण जांच केंद्र और इंश्योरेंस कम्पनी के सामने से भीड़ नहीं टूट रही है। खबर ये भी है कि इन हफ्तों में हजारों हेलमेट बिक चुके हैं जो कई महीनों के आंकड़ों से भी ज्यादा हैं। इन सब के बावजूद आम नागरिक अपने अधिकारों से अनभिज्ञ हैं और कानून की पूरी समझ नहीं रखते हैं। वायरल वीडियो में भी कई बार देखा गया है कि आधिकारों को लेकर बहस छिड़ जाती है और अंत में जैसे पुलिस बोलती है, उसे मान लिया जाता है। हर नागरिक को चाहिए कि सभी नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाये और पुलिसकर्मी के साथ बदतमीजी ना करे। यदि पुलिसकर्मी बदतमीजी करता है तो आपके पास भी कई विकल्प मौजूद हैं। नियमानुसार वाहन चालकों को भी कुछ अधिकार प्राप्त हैं। आप भी जानिए कि वाहन चलाते समय एक आम नागरिक के 10 बड़े अधिकार क्या हैं ?

  1. पुलिस को यह अधिकार नहीं होता है कि वह आपकी गाड़ी से चाबी निकाल कर रोके और आप से बदतमीजी करे, यदि पुलिस ऐसा करती है तो आप उसकी वीडियो या ऑडियो रिकाॅर्ड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित करके कार्यवााही की मांग कर सकते हैं।
  2. गाड़ी का परमिट आरटीओ द्वारा मांगा जाता है या ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाली पुलिस द्वारा इसकी मांग की जा सकती है। थाने की पुलिस को परमिट मांगने का अधिकार नहीं होता है।
  3. पुलिस मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 132 के तहत चालान कम से कम सब इंस्पैक्टर रैंक का अधिकारी ही काट सकता है। कांस्टेबल या हेड कांस्टेबल को चालान काटने का अधिकार नहीं होता है।
  4. मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केवल परिवहन विभाग ही भार वाहन का ओवरलोडिंग में चालान काट सकती है। पुलिस के पास ये अधिकार नहीं है।
  5. एल्कोमीटर से जांच के दौरान आप नये पाइप की मांग कर सकते हैं। कागज़ के इस दो इंच के पाइप को अपने सामने नया लगवाकर फूंक मारें। किसी अन्य के द्वारा प्रयोग किये गये पाइप में फूंक ना मारें। ये नियमानुसार गलत है।
  6. गाड़ी चलाते समय यदि आपके पास आरसी, प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र और इंश्योरेंस नहीं है तो आप पुलिस से प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र के लिए अधिकतम 7 दिन और अन्य कागजों के लिए अधिकतम 15 दिन का समय मांग सकते हैं। ये कागज पुराने होने चाहिए और फिर तयसीमा के अंतर्गत दिखाने पर चालान नहीं होगा लेकिन पुलिस अन्य कोई नियम तोड़ने पर उस समय चालान कर सकती है।
  7. यदि रेड लाइट काम नहीं कर रही है तो आप पर रेड लाइट जंप का जुर्माना नहीं लग सकता है। ऐसे में आपको ट्रैफिक कांस्टेबलों के इशारों का पालन करना आवश्यक है। यदि आप उनके इशारों का उल्लघंन कर रहे हों तो आप का चालान कट जायेगा।
  8. आपकी गाड़ी के आगे और पीछे के शीशों के लिए 70 फीसदी विज़ेयबिलिटी जबकि साइड वाले शीशों की विज़ेयबिलिटी 50 फीसदी होनी चाहिए। यदि ये कम है तो चालान कट जायेगा। यदि आपके साइड शीशे काले भी हैं तो इतनी विज़ेयबिलिटी आवश्यक है।
  9. जिस अधिकारी के हस्ताक्षर से आपका चालान कटा है उस अधिकारी का मौके पर मौजूद रहना आवश्यक है।
  10. कई बार ट्रैफिक पुलिसकर्मी छिप कर खड़े हो जाते हैं और अचानक सामने आकर दस्तावेज की मांग करने लगते हैं। यह गलत प्रक्रिया है। ऐसा होने पर उच्च अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं लेकिन आप विन्रम स्वभाव रखें और शालीनता से बातचीत करें। आप अपने किसी भी आचरण से सरकारी कार्यो में बाधा ना पहुंचायें। इन बातों को ध्यान में रखकर नियमानुसार वाहन चलाएं और बेवजह का भय मन में न पालें।(अवाम इंडिया से जनहित में साभार)