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जनता की पहली पसंद, नैनीताल के जिलाधिकारी सविन बंसल

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भूपेन्द्र रावत

नैनीताल – सूबे के आईएएस अधिकारियों में मिशाल के तौर पर ईमानदारी के साथ काम करने वाले नैनीताल के जिलाधिकारी सविन बंसल इन दिनों जनता की पहली पसंद बन चुके हैं। फरियादी की फरियाद का निवारण जिलाधिकारी द्वारा अपनी ही टेबल पर तत्काल प्रभाव से हो जाए, तो इसके अलावा आम जनता को और क्या चाहिए? नैनीताल जिलाधिकारी का काम करने का तरीका जिले के सभी अधिकारी भली भांति जानने लगे हैं, क्योंकि कामचोर अधिकारियों से कैसे काम लिया जाता है, जिलाधिकारी यह बखूबी जानते हैं। शहर से लेकर दूरस्थ गाँव तक जिलाधिकारी द्वारा जनता दरबार लगाया जाता है, जिसमें फरियादियों की फरियाद पत्र को अन्य विभाग को हस्तान्तरित न कर तत्काल समाधान की कोशिश ही जिलाधिकारी की मंशा और कुशल कार्यशैली को प्रदर्शित करती है। सरल और सौम्य स्वभाव के साथ साथ ईमानदार अधिकारी, जो जिले की जनता के लिए हितकारी है, उससे जनपद के अन्य अधिकारी और सफेदपोश इसलिए नाखुश हैं क्योंकि अधिकारियों की कमीशनखोरी और नेताओं का भौकाल खत्म होने की कगार पर है। जनता दरबार में सबको एक श्रेणी में रख दिया गया है। यानी सबको अपना नम्बर लगाकर टोकन लेना होगा और नम्बर आने पर ही वह अपनी फरियाद जिलाधिकारी के सम्मुख रख सकेंगे। ऐसे में रुतबेदार नेता को भी फरियादी बनकर डीएम से मिलना पड़ता है। ऐसे ईमानदार जिला अधिकारी को हिलाने के लिए हल्द्वानी से देहरादून तक लॉबिंग तो की जा रही है पर प्रदेश के मुखिया ने उनके मंसूबों पर हर बार पानी फेर दिया है। साधारण जिंदगी जीने वाले जिलाधिकारी द्वारा अस्पतालू के हालात का रियल्टी टेस्ट अपनी धर्मपत्नी द्वारा करवाया गया ताकि जनता में एक स्वस्थ संदेश पहुंचे। जिलाधिकारी सरकारी रसोइया छोड़ अपनी पत्नी के हाथ का बना हुआ भोजन लेते हैं। जिले में अब तक कई ऐसे काम हो चुके हैं जो अब तक कोई जिलाधिकारी नहीं कर पाए। काम करने वाले अधिकारियों के साथ साथ जिले के पत्रकारों को भी शॉटलिस्ट किया गया है। जिलाधिकारी नैनीताल ने यह साबित कर दिया कि लोकसेवा की आखिर परिभाषा क्या होती है।