Home Home सुषमा स्वराज का उत्तराखंड से विशेष लगाव था – मुख्यमंत्री

सुषमा स्वराज का उत्तराखंड से विशेष लगाव था – मुख्यमंत्री

88
0
नई दिल्ली में दिवंगत नेता सुषमा स्वराज को श्रद्धाँजलि देते हुए सी एम रावत

देहरादून-मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि सुषमा स्वराज का आकस्मिक निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका उत्तराखण्ड से विशेष लगाव था और वे उत्तराखण्ड से राज्यसभा सांसद भी रहीं। मीडिया से एक अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को ऋषिकेश एम्स उनकी ही देन है। अटल बिहारी वाजपेयी जब भारत के प्रधानमंत्री थे, तब स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज ने ही एम्स ऋषिकेश की नींव रखी थी। उस समय देश में 06 एम्स खोले गये थे, जिनमें से एम्स ऋषिकेश सर्वोच्च स्थान पर चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार उत्तराखण्ड के नौजवान जब विदेशों में किन्हीं कारणों से फंस जाते थे, तो सुषमा स्वराज को मात्र एक संदेश भेजने पर ही वह शीघ्र उनकी वापसी की कार्यवाही शुरू कर देती थीं। समाज के हर वर्ग के लोगों की समस्याओं को वे बड़ी सादगी से सुनती थीं और समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करती थीं।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुषमा स्वराज विद्यार्थी जीवन से ही राजनीतिक व सामाजिक कार्यों में सक्रिय थीं। लम्बे समय तक उन्होंने देश के लाखों कार्यकर्ताओं का मागर्दशन किया। वे एक प्रखर वक्ता थीं और उनकी भाषण शैली से हर कोई प्रभावित होता था। श्री रावत ने कहा कि भारत की विदेश मंत्री एवं दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने देश की सेवा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुषमा स्वराज ने देश में हिन्दी भाषा के लिए बहुत बड़ा कार्य किया। संयुक्त राष्ट्र संघ में जाकर उन्होंने हिन्दी में भाषण दिया। 25 साल की आयु में ही वे हरियाणा से विधायक एवं मंत्री बन गई थीं। उनका व्यक्तित्व बहुत ही प्रभावशाली था। जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाने के लिए पार्टी की तरफ से जो लम्बी लड़ाई लड़ी गई, उसमें उनका भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। धारा 370 हटने के बाद उन्होंने ट्वीट किया था कि ‘‘प्रधानमंत्री जी आपका अभिनंदन। मैं जीवन भर इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।’’