Home Home राज्य आंदोलन के अग्रणी नेता रणजीत सिंह वर्मा के निधन पर ...

राज्य आंदोलन के अग्रणी नेता रणजीत सिंह वर्मा के निधन पर शोक की लहर

70
0

देहरादून- राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी नेता एवं पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा के आकस्मिक निधन पर दून घाटी में शोक का माहौल बना हुआ है। अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय मसूरी विधानसभा सीट से विधायक रहे 84 वर्षीय रणजीत सिंह वर्मा का सोमवार को निधन हो गया। कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे वर्मा को जौलीग्रांट के हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को लक्खीबाग स्थित श्मशान घाट पर किया गया। एक कुशल राजनीतिज्ञ और लोकप्रिय जननेता के तौर पर व्यापक पहचान रखने वाले दिवंगत वर्मा कीअंतिम यात्रा में भारी तादाद में राज्य आंदोलनकारी, विभिन्न दलों से जुड़े राजनेता, किसान, कर्मचारी,पत्रकार और उन्हें जानने वाले तमाम लोग शामिल हुए। पृथक राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान गठित उत्तराखंड संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष रहे रणजीत सिंह वर्मा मसूरी विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे। एक बार जनता पार्टी और एक बार निर्दलीय विधायक के रूप में उन्होंने जनता के हितों के लिए हमेशा संघर्ष किया जिसके चलते उन्हें किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच बहुत लोकप्रियता हासिल हुई। सादगी और ईमानदारी के लिए प्रसिद्ध दिवंगत वर्मा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में सिद्धांतों के साथ कभी समझौता नहीं किया।

राज्य आंदोलन के दौरान उन्होंने जिस कुशलता और सक्रियता से संयुक्त संघर्ष समिति की अगुवाई की, उसकी मिसाल बहुत कम देखने को मिला करती है। सिद्धांतों, मूल्यों व जनसेवा की राजनीति करने वाले दिवंगत रणजीत सिंह वर्मा के निधन पर तमाम राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने शोक संवेदना व्यक्त की है। जिनमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह आदि प्रमुख नेता शामिल हैं।