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कुंभ में भीड़ की सुविधा के लिए आस्थापथ बनाने का प्रस्ताव

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हरिद्वार। कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत मेले को लेकर अपनी तैयारियों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते।आगामी 2021 में लगने वाले पूर्ण कुंभ मेले में पैदल तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भीड़ की जद्दोजहद से बचाने के लिए मेलाधिकारी दीपक रावत ने एक ठोस योजना पर काम शुरू कर दिया है। व्यापक अध्ययन करने के बाद रावत ने आस्था पथ नामक पैदल पार पथ बनाने का प्रस्ताव उत्तराखंड के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई उच्च स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति को भेजा है।
आस्था पथ को लेकर मेलाधिकारी की कल्पनाशीलता कहती है कि आस्था पथ इस कुंभ मेले का बड़ा आकर्षण रहने वाला है। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि हरिद्वार में अभी तक कोई भी ऐसा पथ या मार्ग नहीं है, जो गंगा के समानान्तर चले। उन्होंने कहा कि ये आस्थापथ कुंभ की भीड़ में यात्रियों के लिए तनाव और थकावट से राहत भरा होगा।
दीपक रावत के अनुसार दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग से प्रारम्भ होकर यह आस्थापथ चंडी पुल पर समाप्त होगा। यह लोगों को पार्किंग तक लेकर जायेगा। रास्ते में रेत और घास के प्राकृतिक घाटों पर लोगों को विश्राम और स्नान का अवसर भी मिलेगा। मेलाधिकारी के अनुसार फिलहाल इस पुल की लम्बाई 900 मीटर रखी गई है, जिससे इसकी लागत लगभग 31 करोड़ आने की संभावना है, लेकिन पथ को अधिक आकर्षक बनाने के लिए पथ के रास्ते में प्रस्तावित तीन पक्के घाटों को प्राकृतिक रूप से विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इससे पथ की लम्बाई के साथ ही लागत भी कुछ कम होने की संभावना है।
समिति में पास होने के बाद पैदल आकर्षक आस्था पथ की कार्ययोजना सिंचाई विभाग बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस मनोरम स्थल पर अतिक्रमण और अव्यवस्था से निपटने के लिए इस एरिया में किये गए अतिक्रमण और सफाई व्यवस्था के लिये जिलाधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है। बीते दिनों मेला कार्यों के नियमित परीक्षण एवं निरीक्षण के बाद उन्होंने ये बात कही।
मेलाधिकारी के साथ एसएसपी मेला जनमेजय खण्डूरी, अपर मेलाधिकारी ललित मिश्रा, अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह, उप मेलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, अधिशासी अभियंता पुरुषोत्तम, ओएसडी मेला, महेश शर्मा एवं लोक निर्माण विभाग, पेयजल विभाग एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने भी आस्था पथ का स्थलीय निरीक्षण किया।