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टैक्स बढ़ोत्तरी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

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देहरादून – उत्तराखंड क्रांति दल ने सरकार से फिजूलखर्ची पर रोक लगाने तथा टैक्स बढ़ोत्तरी के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि
बढ़ती महँगाई से जनता पहले से ही त्रस्त है और राज्य कर्ज के बोझ के नीचे दबा है। ऐसे में जहाँ सरकार को फिजूलखर्ची पर रोक लगानी थी, वहीं माननीयों के वेतन में चार गुना बढ़ोतरी कर दी गयी है। यूकेडी का आरोप है कि खुले बाजार से कर्जा लेकर कर्मचारियों का वेतन दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर तमाम सरकारी विभाग घाटे में चल रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, ऊर्जा निगम को 695 करोड़ रुपये का घाटा है और सरकार बिजली की दरों में बढ़ोतरी करके उसकी भरपाई कर रही है। ऊर्जा निगम में विगत कई सालों से भ्रष्टाचार के प्रकरण चल रहे हैं किंतु अब तक की सरकारों ने कोई कार्रवाई दोषियों के खिलाफ नहीं की। पार्टी की तरफ से यहां बुधवार को जारी बयान के अनुसार, अब तक करोड़ों रुपये के घोटाले ऊर्जा निगम में हो चुके हैं। बयान में कहा गया है कि पानी की दरों में चार गुना बढ़ोतरी जैसा फैसला सरकार ले चुकी है जबकि हाउस टैक्स में बढ़ोत्तरी कर दी गयी है। पार्टी पहले भी सरकार को आगाह भी कर चुकी है कि बिजली, पानी और हाउस टैक्स में कोई बढ़ोतरी न की जाय, अन्यथा व्यापक आंदोलन किया जायेगा। यूकेडी की मांग है कि जीरो टोलरैंस की भाजपा सरकार सर्व प्रथम सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाये तथा फिजूलखर्ची व वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए जनता से दुगना व चार गुना टैक्स वसूलने के निर्णय को तुरंत वाफिस ले। पार्टी ने इसके लिए सरकार को आंदोलन करने की चेतावनी दी है।