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एमकेपी काॅलेज प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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देहरादून- उत्तराखंड नवनिर्माण सेना ने शहर के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार एम के पी गर्ल्स कॉलेज में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं पर अंकुश लगाने मांग की है। संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को एक मांगपत्र भेजा गया है। इस अवसर पर संगठन के नेताओं ने कहा कि शहर के सबसे पुराने शिक्षण संस्थान महादेवी कन्या पाठशाला कॉलेज की स्थापना 1902 में हुई थी, जिसका उद्देश्य कन्याओं को आधुनिक शिक्षा प्रदान करना था । आज इसी के अंतर्गत तीन महाविद्यालय, महादेवीइंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, महादेवी कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज और महादेवी कन्या पाठशाला पीजी कॉलेज संचालित हो रहे हैं जिसमें करीब 4000 लड़कियां पढ़ रही हैं |
पत्र में कहा गया है कि पिछले 10 वर्षों से यह सोसाइटी कुछ ऐसे व्यक्तियों के हाथों में पड़ गई है जो इसे व्यक्तिगत फायदों के लिए संचालित कर रहे हैं । यह सत्य बहुत सारे ऑडिट में प्रमाणित हो चुके हैं। यह ऑडिट रिपोर्ट पब्लिक डोमेन में हैं । इन ऑडिट को राज्य सरकार एवं कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ने सन 2014 से कंडक्ट किया है। नियमानुसार यदि किसी भी ऑडिट रिपोर्ट में कुछ गलत पाया जाता है तो प्राकृतिक रूप से इस मामले की जांच की जाती है और पूछताछ की जाती है। किंतु कुछ अज्ञात कारणों से बहुत सारी नकारात्मक रिपोर्ट्स के बावजूद बहुत सारे पत्रों के मेमोरियल रिप्रजेंटेशंस के बाद भी राज्य सरकार ने इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया । किसी को भी इस बात की चिंता प्रतीत नहीं होती कि जो फंड बच्चों के लिए है वह व्यक्तिगत फायदों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है । पत्र के मुताबिक देहरादून कोतवाली में इसी तरह की दो F .I .R . सन 2016 से अंकित हैं किंतु षड़यंत्रकारियों के विरुद्ध अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है । चार जाचो एवं ऑडिट्स के बाद भी अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है और अब यह संज्ञान में आया है कि सरकार कॉलेज की सोसाइटी को वापिस सारे अधिकार सौंपने वाली है। यह कदम सर्वथा अनुचित है क्योंकि यह सोसाइटी 2016 में अनरजिस्टर्ड हो चुकी है, इसलिए यह विद्यालय संचालित करने में अयोग्य है ।
संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से महाविद्यालय में होने वाली संस्थागत लूट को रोके जाने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग करते हुए सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।