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आक्रोश: किसान सभा ने की दिशा रवि, नौदीप कौर व गिरफ्तार किसानों की बिना शर्त रिहाई की मांग

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संवाददाता
देहरादून 16 फरवरी।
अखिल भारतीय किसान सभा ने किसानों के जाने माने नेता सर छोटू राम की जयंती के अवसर पर उन्हें याद करते हुए किसान एकता के लिये उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। मंगलवार को किसान सभा के राज्य कार्यालय में आयोजित गोष्ठी/विस्तारित बैठक में उक्त विचार विभिन्न वक्ताओं ने व्यक्त किये ।वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार असहमति की आवाज़ और विरोध के अधिकार को खत्म करने के लिए राज्य एजेंसियों का दुरूपयोग करना बंद करे ।वक्ताओं ने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा यह मांग करती है कि, बेंगलुरु की 21 वर्षीय छात्रा व पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि, जिन्हें किसान आन्दोलन को समर्थन देने के कारण दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है, को मोदी सरकार तुरंत रिहा करे। दिशा रवि को बिना किसी ट्रांजिट वारंट के दिल्ली ले जाया गया, दिल्ली पुलिस उन्हें उन के कानूनी अधिकारों से वंचित कर उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि इससे पहले, 23 वर्षीय दलित और मजदूर अधिकार कार्यकर्ता नौदीप कौर व पत्रकार मनदीप पुनिया सहित कई अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि ये गिरफ्तारियां उन सभी को डराने की योजना का हिस्सा हैं जो मौजूदा किसानों के संघर्ष, विभिन्न जन संघर्षों के साथ हैं या बीजेपी सरकार के विरोध की आवाज का समर्थन कर रहे हैं। किसान सभा नौदीप कौर की रिहाई की भी मांग करता है, साथ ही उन के साथ पुलिस हिरासत में हुए यौन शोषण के आरोपों की निष्पक्ष जाँच की भी मांग करता है। न्याय ना दिया जाना अत्यधिक आपत्तिजनक और असंवैधानिक है। वक्ताओं ने सरकार से गिरफ्तार निर्दोष किसानों को रिहा करने की मांग की । वक्ताओं ने कहा कि असंतोष को दबाने के लिए इस तरह के अधिनायकवादी कदमों के विरोध में सभी जनतांत्रिक वर्गों द्वारा आवाज़ें उठाई जानी चाहिेए।

संगठन ने कहा कि विशाल भागेदारी वाला शांतिपूर्ण किसान आन्दोलन देश और विदेशों में लाखों मेहनतकश जनता के मन में विश्वास पैदा करने में सक्षम रहा है। मोदी सरकार किसानों के आन्दोलन व जन संघर्षो का समर्थन करने वाले व्यक्तियों को डराने और उन के अधिकारों का हनन करने का प्रयास रही है । वक्ताओं ने कहा कि झूठे मुकदमों- अत्याचारपूर्ण कार्यों और देश भर में सैकड़ों लोगों की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो जाता है। सरकार की सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई, जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं के ट्विटर हैंडल और फेसबुक पेज को बंद करना अभूतपूर्व हैं। प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला निंदनीय है। न्यूज़क्लिक पर नवीनतम छापे और वरिष्ठ पत्रकारों के साथ-साथ सांसदों के खिलाफ देशद्रोह का आरोप अस्वीकार्य है। भाजपा सरकार द्वारा बिना किसी वैध तर्क के राजनीतिक नेताओं और सांसदों को नज़रबंद कर प्रतिशोधात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। यह आपातकाल के दिन याद दिला रही है और भाजपा सरकार औपनिवेशिक काल के अधिनायकवादी कदमों का अनुसरण कर रही है।

वक्ताओं ने कहा कि इस हमले का प्रतिरोध करने के लिए सभी जन व वर्ग संगठनों, राजनीतिक दलों के साथ-साथ सभी जनतांत्रिक हिस्सों को आगे आकर एकजुट होना होगा। लोकतंत्र में जनता ही परम हैै और सरकार नागरिकों से विरोध करने का बुनियादी जनतांत्रिक अधिकार नहीं छीन सकती। किसान सभा विरोध की आवाज उठा रहे सभी लोगों के साथ खड़े होने और अधिनायकवादी शासन के खिलाफ विरोध का हिस्सा बनने का आह्वान करती है l
इस अवसर पर किसान सभा के प्रान्तीय कोषाध्यक्ष शिवप्रसाद देवली ,सीटू कार्यवाहक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ,जिला कोषाध्यक्ष माला गुरूंग ,सहसचिव याकूब अली जाहिद अन्जुम ,पुरूषोत्तम बडोनी ,राजेन्द्र पुरोहित ,मामचंद, ब्रह्मानन्द कोठारी ,गुमानसिंह, महबूब हसन ,दिलशाद अली, फूलसिंह ,सरोज देवी,अनन्त आकाश व यू एन बलोनी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के जिला महामन्त्री कामरेड कमरूद्दीन ने की ।