Home उत्तराखंड लापरवाही: संप्रेक्षण गृह से भाग निकले सात बाल अपराधी, तलाश में जुटी...

लापरवाही: संप्रेक्षण गृह से भाग निकले सात बाल अपराधी, तलाश में जुटी हैं पुलिस टीमें

180
0

संंवाददाता
 हल्द्वानी,18 मार्च।

यहां स्थित किशोर संप्रेक्षण गृह में  तैनात पूरा स्टाफ आज़ सुबह उस वक्त सन्न रह गया जब उसे पता चला कि वहां से सात बाल अपराधी गायब हैं। हड़बड़ाकर कर्मचारियों ने खोजबीन की तो सच्चाई जान कर उनके हाथ पैर फूल गए। पता चला कि दूसरी मंजिल की खिड़की की ग्रिल और जाली तोड़कर सात बाल अपराधी फरार हो गए हैं। घटना का पता चलते ही वहां  हड़कंप मच गया। सूचना पर एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी, एसपी, सीओ समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सभी बच्चों के बारे में जानकारी जुटाकर टीमें फरार बच्चों की तलाश में लग गईं हैं। परिवार वालों और दोस्तों से संपर्क किया जा रहा है। सभी बच्चे नशे के भी लती बताए जा रहे हैं।


राजकीय महिला कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय परिसर में किशोर सम्प्रेषण गृह भी बनाया गया है। यहां से फरार होने वाले बच्चे कुछ दिन पहले ही चोरी के मामलों में यहां रखे गए थे। रात के समय बच्चों ने बैरक की खिड़की की ग्रिल टेड़ी की और जाली फाड़ दी।
इसके बाद चादरों की रस्सी बनाकर खिड़की से जमीन तक लटका दी और रस्सी के सहारे सातों नीचे उतरे और परिसर की दीवार पर सीढ़ी लगाकर बाहर चले गए। वहीं सुबह करीब पांच बजे चौकीदार महेंद्र पाल ने चादर लटकी देखी तो हड़कंप मचा। स्टाफ ने इसकी जानकारी अपने अफसरों को दी। इसका पता लगते ही पुलिस में भी हड़कंप मच गया।
किशोर संप्रेषण ग्रह में कुल 13 बच्चे रखे गए थे। संगीन आपराधिक वारदातों में निरुद्ध छह बच्चों को प्रथम तल में रखा गया था। वहीं, चोरी के मामलों में निरुद्ध सात बच्चों को द्वितीय तल में रखा गया था। ऊपरी हिस्से के बैरक में राजपुरा निवासी रितिक, शंकर, शुभम उर्फ शिवम, योगेश उर्फ लक्की, गोजाजली निवासी उमेर, सुभाष नगर लालकुआं निवासी गौतम थापा गैस गोदाम रोड मुखानी निवासी हिमांशु आर्य थे। इस घटना से राजकीय
संप्रेक्षण  गृह  की  सुरक्षा व्यवस्था   पर सवाल उठाए जाने लगे हैं।