Home देश संघर्ष: किसान आंदोलन को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश में है...

संघर्ष: किसान आंदोलन को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश में है सरकार, संयुक्त किसान मोर्चा ने  लगाया आरोप

349
0

संंवाददाता

नयी दिल्ली, 30 जनवरी। तीन किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ पिछले 66 दिनों से शांतिपूर्ण चल रहे किसान आंदोलन को भाजपा सरकार अब साम्प्रदायिक रंग दे रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने यह आरोप लगाया है। मोर्चा के नेता डॉ दर्शन पाल का कहना है कि सरकार द्वारा जिस तरह से पिछले 3 दिनों से गाजीपुर बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर पर माहौल खराब करने के असफल प्रयास किये गये हैं उससे सिद्ध होता है कि पुलिस और भाजपा-आरएसएस के लोग इस आंदोलन को खत्म करना चाहते हैं। टीकरी धरने पर ऐसे ही असफल प्रयास किये गए।

डॉ पाल के अनुसार, सयुंक्त किसान मोर्चा गाजीपुर बॉर्डर पहुंच रहे किसानों का प्यार देखकर अभिभूत है। सरकार और कई संगठन यह मान चुके थे कि गाजीपुर धरना अब खत्म हो गया है परंतु उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसानों ने यह फिर से सिद्ध कर दिया कि किसानों के हौंसले बुलंद हैं।

डॉ पाल ने बताया कि सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा आज़ शनिवार को महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर प्रस्तावित ‘सद्भावना दिवस’ पर दिल्ली के सभी बॉर्डर्स समेत देशभर के धरनों पर सुबह 9 बजे से 5 बजे तक अनशन रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण था और शांतिपूर्ण ही रहेगा। यह दिन सत्य और अहिंसा के विचारों को प्रसारित करने के लिए मनाया जाएगा। सरकार जिस तरह से सुनियोजित झूठ और हिंसा फैला रही है उसकी निंदा और विरोध शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।

मोर्चा नेता डॉ पाल ने कहा कि हरियाणा में स्थानीय स्तर पर किसान संगठनों और ग्राम पंचायतों में लोगों द्वारा प्रस्ताव पारित करने, दिल्ली आने और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के कदम की हम प्रशंसा करते हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता पुलिस द्वारा लगातार हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। किसान आंदोलन को धरनों के आसपास के निवासियों का पूर्ण सहयोग रहा है। सरकार के लोग उन लोगों को किसानों के खिलाफ भड़का रहे हैं परन्तु उनकी यह कोशिश सफल नहीं हो सकेगी। आसपास के लोग किसानों के साथ अपना दर्द बांटते हुए लंगर और सफाई में अपना योगदान दे रहे हैं।