सावधान: टॉयलेट सीट से 10 गुना अधिक बैक्टीरिया होते हैं मोबाइल फोन में

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    संवाददाता
    नई दिल्ली, 16 नवंबर। जानलेवा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए लोग अब अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक हो चुके हैं। इसीलिए लोग अब नियमित अंतराल पर हैंड वॉश करते हैं, मास्क पहनते हैं और शारीरिक दूरी का भी पालन करते हैं। फिर भी कई ऐसी चीज़ें हैं, जो संक्रमण के लिहाज से काफी खतरनाक साबित हो सकती हैं। लेकिन अधिकतर लोग उनसे लगभग अनजान हैं। इनमें ज्यादा इस्तेमाल होने वाली एक चीज़ मोबाइल है। आपको भी मोबाइल संक्रमण के खतरे से वाकिफ होना चाहिए। इसलिए आपको बताते हैं कि कोरोना काल में संक्रमण से बचने के लिए कब और कैसे अपने मोबाइल को सैनिटाइज करें-


      सबसे पहले यह जान लेना चाहिए कि स्मार्टफोन कीटाणुओं और जीवाणुओं से होने वाली कई बीमारियों का घर है। हम दिनभर मोबाइल को अपने साथ कैरी करते हैं। इस दौरान कीटाणु और जीवाणु माोबाइल के संपर्क में आ जाते हैं और मोबाइल में ही अपना घर बना लेते हैं। हर एक व्यक्ति औसतन दिन में 96 बार अपने मोबाइल को चेक करता है। University of Arizona की एक शोध के अनुसार, मोबाइल में टॉयलेट सीट की तुलना में 10 गुना अधिक बैक्टीरिया होते हैं। इसके लिए अपने मोबाइल को दिन में दो से तीन बार जरूर सैनिटाइज करना चाहिए।


    स्मार्ट फोन की सफाई के दौरान सतहों की सफाई के लिए पानी और साबुन को सबसे उचित माना जाता है। हालांकि, मोबाइल को पानी से साफ़ नहीं कर सकते हैं। इसके लिए आप अल्कोहल का इस्तेमाल करें। इससे अधिक से अधिक जीवाणु मर जाते हैं। अगर आप मोबाइल स्क्रीन अथवा कवर को ऑयल से साफ़ करते हैं, तो मोबाइल को साफ़ करने में परेशानी होती है। इसके लिए रुई और अल्कोहल की मदद से मोबाइल की सफाई करें।
       ध्यान रखें कि अगर आप दिन में कई बार अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ करते हैं, तो दिन में केवल दो या तीन बार अपने मोबाइल को साफ़ करें। अगर आप हमेशा ऐसे व्यक्ति के साथ रहते हैं जो बार-बार छींकता अथवा खांसता है, तो अपने मोबाइल को हमेशा सैनिटाइज करें।