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ड्रग्स प्रकरण: न्यूज़ चैनल रिपब्लिक भारत व टाइम्स नाउ  के खिलाफ कोर्ट पहुंचे फिल्मकार 

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दोनों न्यूज चैनलों के खिलाफ अब लामबंद हुए
फिल्म इंडस्ट्री के प्रमुख निर्माता और अभिनेता
संंवाददाता
मुंबई, 13 अक्टूबर। फिल्म उद्योग में ड्रग्स के प्रचलन के बहाने चीख चीखकर  कर पूरे बॉलीवुड को बदनाम करने की कोशिश में जुटे  न्यूज चैनलों को अब कोर्ट में सफाई देनी होगी। उनके खिलाफ फिल्म इंडस्ट्री के लोग लामबंद हो गए है। इंडस्ट्री के कई प्रमुख निर्माता संंगठन न्यूज चैनल रिपब्लिक भारत और टाइम्स नाउ के खिलाफ दिल्ली  हाई कोर्ट में पहुंच  गए हैं। इनमें सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान, अजय देवगन, अनिल  कुमार और अनिल कपूर जैसे फिल्म स्टार हैं तो करण जौहर, रोहित शेट्टी और यशराज बैनर के आदित्य चोपड़ा सरीखे निर्माता निर्देशक भी शामिल हैं।

बॉलीवुड के प्रमुख निर्माताओं ने रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की है। निर्माताओं ने न्यायालय से फिल्म उद्योग के खिलाफ गैर जिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणियां करने से रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ को रोकने का अनुरोध किया है।मुकदमा करने वालों में  फिल्म इंडस्ट्री की चार एसोसिएशन और 34 प्रमुख प्रोडक्शन हाउस शामिल हैं।
इन पर दायर किया मुकदमा
कोर्ट में रिपब्लिक टीवी, उसके प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी और पत्रकार प्रदीप भंडारी तथा टाइम्स नाउ, उसके प्रधान संपादक राहुल शिवशंकर, समूह संपादक नविका कुमार और अज्ञात प्रतिवादियों के साथ-साथ सोशल मीडिया मंचों को बॉलीवुड के खिलाफ कथित तौर पर गैर जिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणियां करने या प्रकाशित करने से बचने संबंधी निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
निर्माताओं का कहना है कि वे चाहते हैं कि प्रतिवादी (मीडियाकर्मी) केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों के तहत कार्यक्रम के प्रावधानों का पालन करें। फिल्म उद्योग के खिलाफ उनकी ओर से प्रकाशित सभी अपमानसूचक सामग्री को वापस ली जाय।
डीएसके कानूनी फर्म के जरिये दायर मुकदमें में कहा गया है कि दो चैनल बॉलीवुड के लिए अत्यधिक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिल्म स्टार के लिए ‘गंदा’ व ‘ड्रगी’ आदि शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये चैनल ‘यह बॉलीवुड है जहां गंदगी को साफ करने की जरूरत है’, ‘अरब के सभी इत्र बॉलीवुड की बदबू को दूर नहीं कर सकते हैं’, ‘यह देश का सबसे गंदा उद्योग है’ आदि ऐसी भाषा का प्रयोग बॉलीवुड के लिए किया जा रहा है। इस मुकदमें में इसी हफ्ते के आखिर में सुनवाई की संभावना है।