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संदेश: इस बार ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में  हरेला पर्व  मनाएंगे त्रिवेंद्र सिंह रावत 

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हरेला पर्व को ऐतिहासिक बनाने का उद्देश्य

पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का मकसद 

“एक व्यक्ति-एक वृक्ष” अवश्य लगाएं का देंगे संदेश 

संवाददाता

देहरादून, 13 जुलाई।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार हरेला पर्व उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मनाएंगे। पर्यावरण का संकल्प लेकर यहां कार्यकर्ताओं के साथ पौधरोपण करेंगे। त्रिवेंद्र पौड़ी, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, चमोली व टिहरी के कई कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर लोकार्पण कार्यक्रम, रक्तदान शिविर लगवाएंगे। जिस प्रकार से कुमाऊं भ्रमण में त्रिवेंद्र सिंह रावत को भरपूर प्यार मिला, कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया, उसको देखते हुए गढ़वाल भ्रमण को लेकर भी इसी प्रकार की आशंका जताई जा रही है।

पूर्व सीएम ने कहा है कि गढ़वाल भ्रमण का उनका उद्देश्य हरेला पर्व को ऐतिहासिक बनाने का है क्योंकि इस बार का हरेला पर्व वह ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मनाने जा रहे हैं। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ेगा तथा स्थानीय लोगों में पौधरोपण को लेकर पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता उत्पन्न होगी। उन्होंने कहा है कि हमारा लक्ष्य इस बार का एक लाख पीपल,बरगद, गूलर इत्यादि के वृक्ष लगाने का है जिसमें हमें पूरे प्रदेश से लोगों का भरपूर सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत हमने पिछले माह विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से कर दी है और अब तक कई जगह पौधे रोपे लिए हैं। कुमाऊं भ्रमण में भी उन्होंने जगह-जगह पर पौधरोपण करेंगे। कोसी का उद्गम स्थल काटली में भी उन्होंने प्रतीकात्मक पौधरोपण किया। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी से आह्वान किया है कि “हरेला महोत्सव अभियान” में आगे आएं, यह हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि  “एक व्यक्ति-एक वृक्ष” अवश्य लगाएं और पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन की दिशा में अपनी भागीदारी निभाएं।