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कुम्भ का कोई भी स्नान प्रतिबंधित नहीं होगा लेकिन कोविड गाइडलाइन के तहत होगा आयेाजन

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अमित कुमार
हरिद्वार, 8 जनवरी।

डीजीपी अशोक कुमार ने मेला नियंत्रण भवन में जन संवाद कार्यक्रम में भाग लिया गया। जन संवाद कार्यक्रम कार्यक्रम का शुभारंभ आईजी कुम्भ संजय गुंज्याल द्वारा किया गया।
इस दौरान गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ द्वारा डीजीपी के समक्ष प्रस्ताव रखा गया कि अभी तक हरिद्वार के स्टेकहोल्डर्स और स्थानीय लोगों में नोटिफिकेशन की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इस स्थिति को स्पष्ट किया जाए और शाही स्नान पर्वों के अलावा जनवरी माह से शुरू होने वाले अन्य स्नान पर्वों की व्यवस्था भी विगत कुम्भ मेलों की तरह ही की जाए
गंगा सभा अध्यक्ष प्रदीप झा ने कहा कि स्नानों को कुम्भ स्नान की तरह ही आयोजित किया जाए। कहा कि आने वाले श्रद्धालुओं को जागरूक और सूचित किया जाए कि वे हर की पैड़ी पर स्नान हेतु आते समय अपने जूते चप्पल उतार कर आये। प्रदीप झा द्वारा हाईवे पर बने मार्ग में हर की पैड़ी आने के लिए कोई कट अथवा रास्ता नही होने की जानकारी भी दी गई।
सतपाल ब्रह्मचारी द्वारा सुझाव दिया गया कि कुम्भ मेले की व्यवस्था के दौरान अखाड़ों के साथ-साथ व्यापारी, तीर्थ पुरोहित समाज और हरिद्वार के स्थानीय लोगों का भी ख्याल रखा जाए। सुनील शेट्टी व्यापार मंडल अध्यक्ष द्वारा कहा गया कि कुम्भ मेला स्नान पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं को बाजारों में जाने से ना रोका जाए ताकि व्यापारियों को भी कुम्भ का कुछ लाभ प्राप्त हो सकेगा। प्रमोद झा व्यापार मंडल ने राय दी कि जनता के प्रति पुलिस का व्यवहार उच्च अधिकारियों से लेकर निचले स्तर तक मित्रवत रहे।

डीजीपी अशोक कुमार द्वारा सुझावों  के जवाब में कहा गया कि आगामी कुंभ मेला में जो भी व्यवस्था बनाई जाए वह सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाएगी। इसके अलावा जो भी पुलिस और यातायात व्यवस्था बनाई जाएगी उसका व्यापक प्रचार प्रसार सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से किया जाएगा, ताकि सम्पूर्ण कुम्भ मेला व्यवस्था की जानकारी देश के कोने-कोने तक पहुंच सके। राजन मेहता जिला युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि हरिद्वार के बाहरी क्षेत्र से नोकरी, पंडा गिरी एवं अन्य व्यवसाय के लिये आने वाले लोगों के लिये पास सिस्टम किया जाए।

डीजीपी अशोक कुमार जन संवाद में उठाए गए सभी बिंदुओं को उपयोगी बताते हुए निर्देश दिया कि भविष्य में एनएचआई के अधिकारियों होने वाली जूम मीटिंग में कुछ स्टेकहोल्डर्स को भी सम्मिलित किया जाए।
जन संवाद के अंत मे डीजीपी महोदय द्वारा अपने संबोधन में सर्वप्रथम सभी को आश्वाशन दिया गया कि कुम्भ मेले के दौरान सभी स्नान आयोजित कराए जाएंगे। कुम्भ का कोई भी स्नान प्रतिबंधित नहीं होगा लेकिन प्रतिबन्धों (कोरोना) सहित आयोजित होगा और जो भी व्यवस्था में बनाई जाएगी उसका व्यापक और विस्तृत प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं अन्य माध्यमों से हरिद्वार सहित देश-प्रदेश के कोने कोने तक कराया जाएगा। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उठाए गए सभी उपयोगी बिंदुओं के बारे में विस्तार पूर्वक विचार-विमर्श और मंथन करके सर्व हितकारी कुम्भ व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके अलावा आप सभी स्टेकहोल्डर्स से अपेक्षा रहेगी कि वे कुंभ व्यवस्थाओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं में भी पुलिस का सहयोग करें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि, सामान या व्यत्तिफ़ की जानकारी होने पर तत्काल कुम्भ पुलिस को सूचित करें।