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जांच: विकासनगर क्षेत्र में 400 बीघा भूमि से पेड़ काट कर प्लाटिंग करने में अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज

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संवाददाता

देहरादून, 04 मार्च।

विकासनगर क्षेत्र के हरबर्टपुर, जीवनगढ़ ढकरानी क्षेत्र में करीब 400 बीघा जमीन से फलदार वृक्ष काटकर प्लाटिंग करने के मामले में विभिन्न विभागों के तत्कालीन एमडीडीए, साडा के सचिव, वनाधिकारी, फल एवं उद्यान अधिकारी के साथ ही इन विभागों के कर्मचारी और भूमाफियाओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसआइटी कर रही थी।

विदित हो कि इस मामले में अनुज कंसल ने उच्च न्यायालय नैनीताल में जनहित याचिका दी थी। इस पर उच्च न्यायालय ने दून घाटी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत हरबर्टपुर, विकासनगर तथा ढकरानी क्षेत्र के आस-पास कृषि भूमि व बगीचा भूमि के आवासीय में परिवर्तित करने के लिए फलदार पेड को काटने की स्वीकृति देने से सम्बन्धित प्रकरण में एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे।
पूर्व में यह जांच पुलिस महानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र की अध्यक्षता में गठित एसआईटी की ओर से की जा रही थी। पुनः पुलिस मुख्यालय ने इस सम्बन्ध में लम्बित जांच को पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र अजय रौतेला एवं एसएसपी देहरादून डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत को सम्पादित करने के निर्देश दिए थे।

इस जांच के बाद सामने आया कि भूस्वामियों/कॉलोनाइजर की ओर से शासन की अनुमति के बिना, बगीचे की भूमि का लैंड यूज परिवर्तित कराए बिना हरबर्टपुर, जीवनगढ, ढकरानी क्षेत्र में करीब 400 बीघा भूमि पर भू विनाश (प्लाटिंग) के साथ-साथ वृक्षों का अवैध पातन किया। उनके द्वारा विभिन्न लोगों को भू-खण्ड विक्रय किए गए। कई भूखंडों के विक्रय पत्रों में वृक्ष होने के बावजूद वृक्षों का नहीं होना दर्शाया गया।
-इसके अतिरिक्त तत्कालिक अवधि (वर्ष 2007 से 2014 के मध्य) में दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण के सचिव, वन विभाग के प्रभागीय वन अधिकारी कालसी व उद्यान विभाग के जिला उद्यान अधिकारी व उपरोक्त विभाग के अधीनस्थ अधिकारी गण ने भूस्वामियों व कॉलोनाइजर्स के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही की। ना ही लोकसेवक होने के नाते अपने कर्तव्यों का पालन किया।
 
इस मामले में थाना विकासनगर में मूल भूस्वामी/कॉलोनाइजर्स के के साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।