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जज्बाः दुर्गम चुनौतियों को पार कर एसडीआरएफ ने संक्रमित बुजुर्ग को पहुंचाया एम्बुलेंस तक

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संवाददाता
पिथौरागढ़, 28 मई।

कोरोना संकट के इस दौर में सफेद और खाकी रंग बीमारों के लिए एक उम्मीद की किरण बने हुए हैं। जहां डॉक्टर अस्पतालों में मरीजों को बचाने में जुटे हुए हैं तो वहीं खाकी वर्दी पहने पुलिसकर्मी बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाने, संक्रमितों की मौत होने पर उनका दाह संस्कार करने सहित अन्य कई मानवीय कार्य करने में जुटे हुए है। हालात चाहे जो भी हों लेकिन विषम परिस्थितियों में भी हार न मानने वाले एसडीआरएफ के जवान भी इस मुहिम में महत्वपूर्ण कड़ी बने हुए हैं। खास बुजुर्गों के लिए एसडीआरएफ के जवान देवदूत साबित हो रहे हैं।

पिथौरागढ़ में भी ऐसा ही मामला सामने आया है जहां एसडीआरएफ के जवानों ने ग्रामीणों द्वारा साथ देने से इंकार कर दिये जाने के बावजूद मुश्किल घड़ी में हिम्मत नहीं हारी और दुर्गम रास्ता तय कर एक बुजुर्ग को अस्पताल भिजवाया।
7 किमी का दुर्गम रास्ता, एक तो वर्दी और उसके ऊपर पहनी हुई पीपीई किट ,जो निचोड़ देता है शरीर से पानी को,ओर भिगो देता है पसीने से, कांधे पर स्ट्रेचर पर जिस पर है 82 वर्षीय कोविड संक्रमित बुजर्ग, जिनको अस्पताल तक पहुंचाना एक चुनौती थी लेकिन एसडीआरएफ के जवानों ने बुलन्द हौसले के साथ इस काम को किया।


पिथौरागढ़ के लिलम क्षेत्र का, जहां दुर्गम क्षेत्र में पहुंचने में एसडीआरएफ को 3 घण्टे का समय लग गया, लिलम से आगे बूई गांव में एक बुजर्ग के कोविड संक्रमित होने और स्वास्थ्य के बिगड़ने की सूचना एसडीआरएफ को प्राप्त हुई। जिस पर सब इंस्पेक्टर मनोहर कन्याल के साथ टीम गांव पहुंची। मुनस्यारी से लिलम 25 किमी ओर तद्पश्चात 7 किमी का उबड़ खाबड़ एरिया पार कर लगता है बूई गांव। इस गांव में एक झोपड़ी में रहते हैं एक गरीब बुजर्ग दम्पति। कुछ दिनों पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य चेकअप किया, जिसमे बुई गांव के गोपाल सिंह (82) कोविड संक्रमित निकले, जिन्हें गांव में ही आइसोलेट किया गया था।

बुजुर्ग दम्पति अकेले ही रहते थे और संक्रमित होने के कारण कोई उनकी मदद को आगे भी नहीं आया। जवानों को ग्रामीणों से सड़क मार्ग पर पहुंचाने की उम्मीद थी किन्तु सुरक्षा के दृष्टिगत ओर पीपीई किट न होने पर ग्रामीणों ने सहायता से मना कर दिया। जिस पर उत्तराखंड एसडीआरएफ पुलिस के द्वारा मानवीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए तमाम चुनौतियों को पार करते हुए बुजुर्ग को लिलम ओर तद्पश्चात एम्बुलेंस से मुनस्यारी को रवाना किया।