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शिकंजा : जमीन के नाम पर लाखों की ठगी करने वाला फर्जी एसडीएम गिरफ्तार

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संवाददाता

देहरादून, 11 जनवरी।

राजस्व परिषद से सचिवालय तक में अपनी पहुंच का हवाला देने  और खुद को एसडीएम बताकर बड़े काम करवाने का दावा करने वाले को प्रेमनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया फर्जी एसडीएम अश्विनी श्रीवास्तव मूल रूप से वाराणसी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पुलिस अब इसकी ठगी का शिकार हुए अन्य पीड़ितों को भी तलाश रही है।

पीड़ित ने दी थी तहरीर

पुलिस को  सौरभ बहुगुणा पुत्र अरविंद कुमार निवासी  कोटडा संतौर, थाना प्रेमनगर, देहरादून के द्वारा थाना प्रेमनगर पर एक लिखित तहरीर दी गई कि अश्वनी कुमार श्रीवास्तव नाम के एक व्यक्ति के द्वारा वादी को कोटडा संतौर में खसरा नंबर 308 में जमीन दिलाने के नाम पर फर्जी एसडीएम बनकर अपने साथियों ड्राइवर पंकज शर्मा, कमल धामी, पिंकी तथा एक राजस्व उपनिरीक्षक के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा कर 15 लाखों रुपए ठगे गये हैं। थाना प्रेम नगर में अश्वनी कुमार श्रीवास्तव आदि के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।  फर्जी एसडीएम बनकर धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को पुलिस ने सुद्धोंवाला से गिरफ्तार कर लिया है, जिसके कब्जे से पांच अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन तथा अलग-अलग बैंकों की पासबुक, चेक बुक, फोटो आईडी एवं धनराशि बरामद हुए है।

इस तरह बना फर्जी एसडीएम

पूछताछ के दौरान आरोपी अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया गया कि वह अपने ड्राइवर पंकज शर्मा के साथ अक्सर तहसील के बाहर चक्कर लगाता रहता था। इसी दौरान पंकज शर्मा की मुलाकात सौरभ बहुगुणा से हुई,  जिसके द्वारा पंकज शर्मा को बताया गया कि उनकी कोटडा संतौर स्थित जमीन, जिसमें कुछ समस्या चल रही है, जिसके सिलसिले में वह तहसील में आया है।  इसी बात का फायदा उठाकर पंकज शर्मा ने यह बात अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को बताई, इसके बाद पंकज शर्मा ने पीड़ित सौरभ बहुगुणा को यह बताया कि अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, जो कि एसडीएम है, मैं उनकी गाड़ी चलाता हूं,  वह आपका काम करा देंगे। इसके पश्चात किशन नगर चौक पर पीड़ित सौरव बहुगुणा के जीजा बलविंदर सिंह के ढाबे पर अक्सर अश्वनी कुमार श्रीवास्तव और पंकज शर्मा खाना खाते थे और दोनों ने पीड़ित के जीजा बलविंदर सिंह को अपने विश्वास में ले लिया और  कोटडा संतूर स्थित जमीन की पटवारी बुलाकर नपाई कराई।  जिससे सौरभ बहुगुणा को यह यकीन हो गया कि अश्वनी कुमार श्रीवास्तव  एसडीएम है।  इसके बाद सौरभ बहुगुणा की जमीन दिलाने को लेकर अश्वनी कुमार श्रीवास्तव एवं पंकज शर्मा ने 20,00000  रुपए का खर्चा बताया।  जब सौरभ द्वारा बताया गया कि एकदम से इतनी धनराशि वह नहीं दे सकता तो उक्त धनराशि को 4 बार में 5-5 लाख करके देने की बात पर सौरभ बहुगुणा राजी हो गया और अलग-अलग टाइम में सौरव बहुगुणा और उसके जीजा के द्वारा कुल 1500000/-  रुपए अश्वनी कुमार श्रीवास्तव एवं पंकज शर्मा को दे दिए।  आरोपी अश्वनी कुमार शर्मा द्वारा बताया गया कि  उक्त 1500000 रुपए में से 500000 रूपये मैंने रखे तथा 1000000 रुपए  पंकज शर्मा ने रख लिए,जब रुपए देने के बाद भी वादी सौरभ बहुगुणा को जमीन नहीं मिली तो उसे शक हुआ लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे, जिसमें से अभियुक्त अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया है।  अश्वनी कुमार श्रीवास्तव इतना शातिर था कि अक्सर अलग-अलग मोबाइल से कॉल करने के बाद अधिकांश समय पर अपने फोन स्विच ऑफ रखता था तथा घटना करने के बाद कुछ समय के लिए वहां से फरार होकर दूसरी जगह चला जाता है।  आरोपी पूर्व में भी फर्जी नौकरी दिलवाने के नाम पर कोतवाली नगर जनपद हरिद्वार से जेल जा चुका है।