वन्य प्राणी: हाथी मेरा साथी ! पढ़िए, हाथी दिवस पर विशेष लेख

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    हाथी मेरा साथी ! 

    अशोक नेगी के सौजन्य से

    हाथी एक विशालकाय प्राणी है। अफ्रीका और एशिया में बहुतायत में पाये जाने के कारण पारि-तंत्र में इसका विशेष महत्व है।

    भारत की संस्कृति और प्रकृति में रचे-बसे हाथी के बिना हम भारत की कल्पना भी नहीं कर सकते। भारत में अब इनकी संख्या मात्र 27000 से 31000 के बीच ही रह गयी है। इसीलिए वन्यजीव (सुरक्षा) अधिनियम 1972 की अनुसूची 1 में स्थान देकर इसे संरक्षित किया गया है।

    कर्नाटक, असोम, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, मेघालय और उत्तराखंड में इनकी अच्छी खासी संख्या है। उत्तराखंड में गत गणना (2019) में इनकी संख्या 1839 पाई गयी थी। इनका लिंग अनुपात 1:2 एक सुखद आभास देता है।

    आइये, जानें अपने प्रिय प्राणी हाथी के बारे में कुछ रोचक बातें:

    1. हाथी अपनी अल्ट्रासोनिक ध्वनि से 20-25 किमी दूर तक आपस में वार्तालाप कर सकते हैं। जब हाथी चलते हैं तो जमीन में एक विशेष प्रकार का कंपन पैदा होता है। इस कंपन से हाथी दूसरे हाथियों के दलों के आकार के बारे में जान लेते हैं।

    2. हाथी के दाँत उसके जीवन काल में निरन्तर बढ़ते रहते हैं।

    3. हाथी की सूँड ऊपरी होंठ और नाक से जुड़ी होती है।

    4. एक हाथी की चमड़ी लगभग एक इंच तक मोटी होती है और हाथी को पसीना नहीं आता है।

    5. हाथी का बच्चा खेल खेल में अपनी सूँड चूसता है, जो बहुत मुलायम होती है, वह कालांतर में सुदृढ़ होती है।

    6. हाथी अपने पँजों पर चलते हैं। इनकी ऐड़ी के ऊपर एक कुशन होता है जो इनका भार सन्तुलित करने का काम करता है।

    7. नर युवा हाथी 12 से 15 साल की आयु के बीच झुंड छोड़ देते हैं। ये दूसरे झुंडों की मादाओं के साथ प्रीत करके स्वस्थ संतति समाज को देकर प्रकृति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    8. हाथी समाज एक मातृ समाज है जो बहुत बड़े झुंडों में रहते हैं जिन का नेतृत्व एक अनुभवी मादा हाथी करती है। इस दल में नानियाँ और दादियाँ होती हैं।

    9. हाथी लगभग एक दिन में 160 किलो तक पत्तियांं और घास खा जाते हैं। रोहिणी, कचनार, और पीपल, बड़, गूलर बड़े चाव से खाते हैं।

    10. हाथी दिन के 16 घंटे सिर्फ खाने में ही बिता देते हैं। इसलिये इनके खाने के दाँत जल्दी घिस जाते हैं। इनके जीवन-काल में 6 सेट दाँत पुराने दांतों का स्थान ले लेते हैं।

    11. हाथी लम्बे समय तक पानी में तैर सकते हैं और नदी सुगमता से पार कर लेते हैं।

    12. हाथी आमतौर पर 6 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलते हैं। वे पहाड़ी से बच्चों की तरह बैठकर फिसल सकते हैं।

    13. हाथियों का जीवन-काल औसतन हम मनुष्यों की तरह 70-75 साल तक का होता है।

    अफ्रीकी हाथी

    14. सामान्य अफ्रीकी हाथी का वजन लगभग 6,160 किलोग्राम तक होता है और भारतीय हाथियों का 5000 किलोग्राम तक।

    15. युवा अफ्रीकी हाथी की ऊँचाई 13 फिट तक बढ़ जाती है और भारतीय हाथियों की 10 फिट होती है।

    16. अफ्रीकी हाथी के नर मादा दोनोंं के दाँत होते हैं, जबकि एशियाई हाथी के मात्र नर हाथी के ही दाँत होतें हैं। जिस नर हाथी के दाँत नहीं होते, उसे ‘मखना हाथी’ कहते हैं।

    17. इतने बड़े कान हाथी की ऊष्मा को विकरित करने में सहायक होते हैं। यद्यपि हाथी की नेत्र-क्षमता कम होती है।

    18. हाथी की ऊँचाई उसके पिछले पैर की परिधि का दोगुना होती है। वनाधिकारी वनों में इसी प्रकार निकले झुण्ड के बारे में अनुमान लगा लेते हैं।

    19. मादा हाथी का गर्भकाल 18-22 माह का होता है। 1 प्रतीशत मामलों में जुडवा बच्चे जन्म लेते हैं। नवजात हाथी शिशु की ऊँचाई लगभग 1 मीटर और वजन 100 किलो होता है।

    20. अब दुनिया में अफ्रीकी और एशियाई हाथी ही पाये जाते हैं। सफेद हाथी कहीं नहींं पाये जाते हैं।

    21. हाथी अपनी सूँड से नीचे गिरे सिक्के या वस्तु को उठा सकते हैं।

    22. हाथी साफ सुथरा रहना पसंद करते हैं और बहते पानी में नहाना और किलोल करना उन्हें रुचिकर लगता है।

    23. अगर किसी झुंड का एक हाथी मर जाए तो सारा झुंड अजीब-अजीब तरह से आवाज़ करके शोक-संवेदना प्रगट करते हैं। यदि शिशु हाथी की मृत्यु हो जाये तो माँ अपने बच्चे को सूँड में लिये घूमती फिरती देखी गयी है।

    24. नर हाथी कभी कभी आपस में लड़ते देखे जा सकते हैं। कई बार इतना भयंकर युद्ध होता है कि एक दूसरे के दाँतो से घायल हो जाते हैं, और कई बार मृत्यु भी हो जाती है।

    25. प्रत्येक हाथी की आवाज़ भी हम मनुष्यों की तरह भिन्न होती है।

    26. हाथी एक इकलौता प्राणी है जो कि कूद नहींं सकता और जिसके चार घुटने होते हैंं।

    27. हाथी दिन में बहुत कम सोते हैं। दोपहरी में या रात में बस ज्यादा से ज्यादा 4 घंटे।

    28. हाथी पानी का आभास 4-5 किलोमीटर दूरी से ही लगा लेते हैंं।

    29. हाथी सामान्यतः 13-14 वर्ष की आयु में किशोरावस्था में आ जाते हैं और मौज-मस्ती करने लगते हैं।

    30. हाथी सामान्यतः खड़े खड़े होकर ही सोते हैं। बच्चे और युवा हमारी तरह लेटकर भी सोते हैं, और हमारी तरह खर्राटें भी भरते हैं।

    शुभ विश्व हाथी दिवस !!

    (अशोक नेगी रिटायर्ड वन अधिकारी हैं)