सुशांत प्रकरण: गर्लफ्रैंड रिया चक्रवर्ती हुई मीडिया से रूबरू, पढ़िए.. क्या-क्या कहा रिया ने अपने जवाब में

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    फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला देश में आज का सबसे हॉट टॉपिक बना हुआ है। तमाम आरोपों और प्रत्यारोपों के बाद आखिरकार इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा चुकी है। इस बीच अभिनेता की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती के बारे में मीडिया पर तमाम तरह के आरोपों का सिलसिला निरंतर जारी है। मीडिया द्वारा  सवालों के घेरे में  लाकर खड़ी कर दी गई रिया पर सुशांत के परिवार ने भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। लेकिन इस दौरान एक बार भी मीडिया में रिया का पक्ष सामने नहीं आया।  इस बीच आजतक न्यूज चैनल ने रिया चक्रवर्ती से लंबी  बातचीत की। यहां प्रस्तुत है सीनियर जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई के सवालों पर रिया के जवाब-

    राजदीप: आपको सुशांत की मौत की जानकारी कैसे मिली?
    रिया चक्रवर्ती: 14 को करीब दो बजे अपने भाई के साथ घर में थी, मेरी एक फ्रेंड हैं. उनका मुझे फोन आया था कि ऐसी अफवाह है, इसे रोको. सुशांत को बोलो की बयान दे…तब मुझे लगा कि ये कैसे हो सकता है. लेकिन 15 मिनट के अंदर ही सच सामने आ गया था।

    राजदीप: क्या आप उनके घर गईं?
    रिया चक्रवर्ती: नहीं, मैं उनके घर नहीं गई थीं. मुझे बताया गया था कि उनके अंतिम संस्कार के वक्त मेरा नाम नहीं था, इंडस्ट्री के लोगों का नाम था. लेकिन मेरा नाम नहीं था, क्योंकि उनका परिवार नहीं चाहता था की मैं वहां पर जाऊं।

    राजदीप: क्या उनके परिवार ने कहा कि आप अंतिम संस्कार में नहीं आ सकती हैं..क्योंकि आप उनसे प्यार करती थीं?
    रिया चक्रवर्ती: कुछ लोगों ने मुझे घर आकर समझाया कि तुम वहां नहीं जा सकती हो. अगर तुम गईं तो निकाल दिया जाएगा, इसलिए मत जाओ. लेकिन मेरे दोस्तों ने कहा कि आप एक बार बॉडी जरूर देख लें।

    राजदीप: आप शवगृह गई थीं, जहां सुशांत की बॉडी रखी हुई थी और आपने कहा कि सॉरी बाबू?
    रिया चक्रवर्ती: हां..और वहां पर कोई क्या कहेगा? अगर किसी की जान चली गई थी, आई एम सॉरी की आपने अपनी जान गंवा दी. आज भी मैं सॉरी हूं क्योंकि इस तरह की बातें हो रही हैं, मौत का मजाक बना दिया गया है. मैं सॉरी हूं क्योंकि आज उनके काम को याद नहीं किया जा रहा है।

    राजदीप: आप शवगृह में कितनी देर तक रहीं?
    रिया चक्रवर्ती: मैं 3-4 सेकेंड तक रुकी थीं, क्योंकि पोस्टमॉर्टम होना था. लेकिन जब एम्बुलेंस की ओर शव को ले जा रहा था, तो मैंने सॉरी कहा और सुशांत के पैर छुए।

    राजदीप: एक खबर जो आ रही है, कि सिद्धार्थ पीठानी जो उनके हाउसमेट थे, उन्होंने सीबीआई को ये जानकारी दी है कि जून 8 तक, ये सीबीआई सूत्रों के जरिए. कि आपने आईटी वाले को बुलाकर हार्ड ड्राइव डिलीट करा दिया था? सुशांत भी वहा मौजूद थे. आपने ऐसा क्यों किया? क्या था? कोई ऐसी हार्ड ड्राइव है सुशांत के घर में जिसे आपने डिलीट किया?

    रिया: ये पूरी तरह से आधारहीन आरोप है. ऐसी कोई हार्ड ड्राइव मेरे संज्ञान में नहीं है. कोई इंसान नहीं आया जब तक मैं थी. मेरे जाने के बाद अगर उनकी बहन जो 8 से लेकर 13 जून तक जो वहां थीं, उन्हें ये सारी बातें पता होंगी अगर ऐसा कुछ भी हुआ है तो. मेरी मौजूदगी में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। मुझे नहीं लगता है कि उसने ऐसा कुछ कहा होगा। मुझे लगता है कि ये फिर से एक नई कहानी रची जा रही है जैसे कि हर रोज एक नई कहानी रची जाती है जो कि पूरी तरह से आधारहीन होती है।

    राजदीप: क्योंकि उस हार्ड डिस्क पर कई…. आपने तो आज हमें बताया है लेकिन ऐसा लगता है कि आपने फाइनल डिसीजन उस दिन ले लिया था. ‘नो टर्निंग बैक’ ये आपने कहा है आपके व्हाट्सएप में, मुझे लगता है शायद भट्ट साहब के साथ। क्या उस दिन आपने निर्णय लिया था कि भले सुशांत डिप्रेशन में हो लेकिन मैं अब यहां नहीं रह सकती?

    रिया- मुझे बिल्कुल बहुत ज्यादा आहत और दुखी महसूस हो रहा था कि उन्होंने मुझे कॉलबैक नहीं किया. उन्होंने मुझे वापस नहीं बुलाया. क्या उसके लिए सब खत्म हो गया है? क्या बस इतना ही था? कि अब मैं बीमार हूं तो आप नहीं चाहते…. मुझे. तो नैचुरली अगर आपको कोई भी ऐसा बोले तो आपको बुरा तो फील होगा लेकिन ये जो आप रेफर कर रहे हैं शायद उसका इस बातचीत से कोई लेना देना है नहीं।

    राजदीप: एक कहीं न कहीं आप पर ये आरोप इसी से होता है, जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि आप सुशांत को कंट्रोल कर रही थीं. सब कुछ आप ही के जरिए हो रहा था. उनका स्टाफ, उनके पैसे, उनकी जिदंगी, जैसे ही आप एक साथ रहने लगीं, आपने स्टाफ बदल दिया, उसके बाद सुशांत बदल गया या आप बदल गईं लेकिन कहीं न कहीं आपने उनके परिवार को कट ऑफ किया. आपने क्यों ये सब बदलाव किया? सुशांत की जिंदगी में एक तरह से आपने कंप्लीट कंट्रोल करवाया.

    रिया: ये पूरी तरह से आधारहीन बात है. सुशांत का जो स्टाफ है पिछले डेढ़ साल में. और जो लोग उसके साथ रहते थे. सिद्धार्थ पीठानी सुशांत…. सिद्धार्थ पीठानी सुशांत को मुझसे पहले से जानता था. जब मैं सुशांत के घर आई तो सिद्धार्थ पीठानी पहले से सुशांत के साथ रहते थे. दूसरे… जो मिरांडा. जो सुशांत के हाउस मैनेजर हैं. उन्हें सुशांत की बहन प्रियंका ने हायर किया. और वो भी मेरे पहले से थे. तीसरे उनके कुक केशव और उनके क्लीनर नीरज.. इन सबको सुशांत पहले से जानते थे…. दीपेश को सुशांत को पहले से जानते थे। मैं इन लोगों को जानती भी नहीं थी, सुशांत ने मुझे इन लोगों से मिलाया। मैंने इन स्टाफ वालों को हायर नहीं किया. बिलकुल भी नहीं किया।

    राजदीप: आप ये संदीप सिंह को जानती हैं जिनका नाम बार-बार आ रहा है?

    रिया: जी नहीं। मैं नहीं जानती.

    राजदीप: वो कहते हैं कि बड़े अच्छे दोस्त थे वो सुशांत के.

    रिया: तो कहां थे वो पिछले डे़ढ़ साल तक… मैंने न नाम सुना है उनका. न कभी घर आए हैं। सुशांत के कॉल लॉग में भी मैं आपको गारंटी देती हूं कि उनका कोई नाम नहीं होगा. कोई जिक्र नहीं होगा।

    राजदीप: आप और सुशांत इस रिलेशनशिप में, साथ यूरोप चले गए थे. वहां ऐसे क्या होने लगा कि आपको लगा कि सुशांत की तबीयत खराब होने लगी? कब से आपको पता चला? आप अप्रेल से उनके साथ थीं, कब आपको पता चला कि शायद सुशांत डिप्रेशन से जूझ रहा है. उनको ड्रिपेशन मेंटल…. किसी तरह की मानसिक दिक्कत, संभावित रूप से बायपोलर जिसे कहते हैं. सुशांत को वो दिक्कत है. कब आपको ये पता चला? उस यूरोप के ट्रिप पर?

    रिया: यूरोप के ट्रिप जाने वाले दिन सुशांत ने मुझे और सबको बताया कि उसको फ्लाइट में बैठने से बहुत क्लोस्ट्रोफोबिया है. इसके लिए वो एक दवाई लेता है. जिसका नाम है मोडाफिनी. और उसके पास वो दवाई हमेशा होती थी. उसने फ्लाइट में जाने से पहले वो दवाई खुद ही ले ली. उसे कोई प्रिस्क्रिप्शन वगैरह नहीं लेना पड़ा क्योंकि उसके पास पहले ही वो दवाई थी। संभवतः वो हर फ्लाइट से पहले लेते होंगे। वहां पहुंच कर पहले हम पैरिस लैंड हुए। पहले तीन दिन सुशांत कमरे से नहीं निकला, जो मुझे काफी लगा कि क्या हुआ. वो बहुत एक्साइटेड था कि हम पेरिस जाएंगे ताकि कोई उसे नहीं पहचाने. ताकि वो मुझे अपना असली अंदाज दिखा सके. जो उसका फन नेचर था. कि मैं कितना फन हूं कि मैं सड़कों पर भी चल सकत हूं मैं ये भी कर सकता हूं. जो इंडिया में वो नहीं कर पाते थे.
    लेकिन वहां जाकर वो रूम से नहीं निकले. उसके बाद जब हम दूसरी जगह गए स्विट्जरलैंड वो काफी ठीक थे. उनकी एनर्जी अच्छी थी, वो बाहर भी निकल रहे थे, वो खुश थे. उसके बाद जब हम इटली गए. हम लोग एक होटल में ठहरे. होटल का नाम- पलाजो मैग्नेनी फरेनी. ये एक भूतिया होटल है. ये हमें बुकिंग से पहले नहीं पता था. हमारे कमरे में एक अजीब सा डोंब जैसा स्ट्रक्चर था. उसमें अजीब-अजीब तस्वीरें थीं। इन तस्वीरेों को देखकर मुझे काफी डर लगा लेकिन सुशांत ने बोला कि नहीं। ये ठीक है. उस रात वो सो नहीं सका. उसने बोला कि यहां पर कुछ है. मैंने बोला कि बुरा सपना है. हम सभी को चिंता हो रही थी. आपको अगर कोई जगह भूतिया लगने लगे या कुछ विचित्र तस्वीरें दिखने लगें तो आपको जाहिर तौर पर लगेगा कि यहां पर कुछ हो सकता है लेकिन ये आपका कभी-कभी वहम भी होता है। मैंने बोला कि यहां से चेकआउट करते हैं लेकिन वो नहीं माना. उसके बाद से उनकी हालत और थोड़ी थोड़ी खराब होने लगी. मतलब वो कमरे से बाहर नहीं निकलना चाह रहे थे पूरी ट्रिप के दौरान। मैंने उनसे बात की और उन्होंने मुझसे कहा कि 2013 में उनके साथ ऐसा हुआ था कि जब उन्हें एक डिप्रेसिव एपिसोड हुआ था। वो एक साइकैट्रिस्ट से मिले थे, जिनका नाम शायद मिस्टर हरेश शेट्टी है और उन्होंने ही सुशांत को ये मोडाफिनी वाली दवाई प्रिस्क्राइब की थी।
    क्योंकि तब तक मुझे शक होने लगा था कि यार आपको क्या हुआ है? आपको बुखार है, आप क्यों नहीं…. क्या हो रहा है. तब उसने मुझे ये बातें बताई. साइकैट्रिस्ट से मिलने के बाद वो ठीक थे. बीच-बीच में उन्हें कई बार एंग्जाइटी एटैक आते थे. लेकिन अब वो काफी ज्यादा डिप्रेस और परेशान रहने लगे थे. तो हमें ये ट्रिप कट शॉर्ट करनी पड़ी. अगर आपका पार्टनर ठीक महसूस नहीं कर रहा है तो आप क्या करोगे आप वापस आ जाओगे।

    राजदीप: आपने ट्रिप कटशॉट कर दी, ट्रिप में आपके भाई शोविक भी आपके साथ आए थे, कोई खास वजह? वहां दो लोग हैं जो एक दूसरे से प्यार करते हैं. आप यूरोप जा रहे हैं साथ में. आप अपने भाई शोविक को भी लेकर जाते हैं?

    रिया: असल में शोविक और सुशांत के बीच भी काफी प्रेम था. कभी-कभी हम मजाक करते थे कि शोविक ही मेरी सौतन है. मुझे क्या पता था कि इतनी सारी बातें अब आकर खड़ी हो जाएंगी. उस वक्त पता नहीं हम कहां थे. शोविक, सुशांत और मेरी साथ में एक कंपनी फॉर्म हुई थी. ट्रिप से ठीक पहले. इस कंपनी का नाम था रियैलिटिक्स. R-H-E-A-L-I-T-Y-X.
    इससे साफ जाहिर होता है कि सुशांत मुझे शायद थोड़ा पसंद ही करता होगा कि उसने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मेरे नाम के साथ जोड़ा होगा. या ये भी मैंने शायद उन्हें फोर्स किया होगा ये आरोप मुझ पर लग जाएं आगे जाकर. इस कंपनी में मैं मेरा भाई और सुशांत तीनों बराबर के पार्टनर्स हैं. पार्टनर बनने के लिए आपको तीनों लोगों को अपने अकाउंट से 33 हजार, 33 हजार, 33 हजार भरने होते हैं। मेरे भाई के 33 हजार मैंने उसे ट्रांसफर किए ताकि वो भर सके. स्वाभाविक रूप से क्योंकि वो नौकरी नहीं कर रहा है. इसके अलावा इस कंपनी में कोई ट्रांसेक्शन नहीं हुई. हमारे इस इटली के ट्रिप में मेरे भाई ने हमें जॉइन किया क्योंकि ये जोर सुशांत ने डाला था. ये चैट भी मेरे पास हैं. प्लीज आजा, प्लीजा आजा, प्लीजा आजा. उसके कैट के एग्जाम थे और वो भी कनफ्यूजन में था कि मेरी बहन और उसका बॉयफ्रेंड साथ में हैं, तो मैं क्यों जाऊं.

    राजदीप: क्योंकि ये एक इमेज आ गई है कि आपने और आपके परिवार ने सुशांत के पैसे पर ऐश करना शुरू कर दिया था, ये पूरा जो यूरोपियन ट्रिप था, सुशांत ने उसके लिए पूरे पैसे भरे थे. रिया, शोविक और चक्रवर्ती परिवार सुशांत के पैसे पर मौज कर रहा था? ये सही है या नहीं? कि सुशांत ने हर चीज के पैसे खर्च किए इस ट्रिप में?
    रिया का जवाब, “मुझसे पहले भी 6 लड़कों के साथ थाइलैंड एक ट्रिप पर गया था। जहां उसने 70 लाख रुपये खर्च किए और एक प्राइवेट जेट लेकर गया. ये सुशांत की लाइफस्टाइल चॉइसेज थीं।”

    साभार..आजतक