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एनकाउंटर: सिपाही हत्याकांड में एक लाख के इनामी सहित दो मुठभेड़ में ढेर

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21 फरवरी।
कासगंज में बीती 9 फरवरी को माफिया मोती सिंह और उसके साथियों ने सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या और एक दरोगा को गंभीर तौर पर घायल कर दिया था।

पुलिस कर रही थी तलाश
पुलिस कई टीमें बनाकर पिछले 11 दिनों से मोती और उसके भाईयों की तलाश कर रही थी। शनिवार को थाना सिढ़पुरा, करतला रोड काली नदी के पास पुलिस से मुठभेड़ में मोती को गंभीर रूप से घायल हो गया था, जहां से उसे अस्पताल भी पहुंचाया गया था। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने मोती को मृत घोषित कर दिया।

मोती सिंह कोर्ट से था वांछित

कासगंज के एक सामाजिक कार्यकर्ता अमित तिवारी के अनुसार थाना सिढ़पुरा से दोपहर तीन बजे के बाद दरोगा अशोक, सिपाही देवेंद्र के साथ आरोपी मोती सिंह की तलाश में नगला धीमर गांव गए। दरअसल वो कोर्ट से वांछित था जिसकी कुर्की के वारंट की तामील कराने दरोगा गांव में पहुंचे थे। पहले तो मोती सिंह के गैंग ने इन दोनों लोगों को पीटा, फिर बल्लम से मारा। जब मार रहे थे तो चिल्लाने की भी आवाज आ रही थी। ये आवाज़ें सुनकर किसी ने पुलिस को खबर की।

तिवारी आगे बताते हैं, “पुलिस अपने साथियों को जब बचाने आई तो ये आवाजें सुनकर डर गई और वापस चली गई। उसके बाद पुलिस दोबारा ज्यादा लोगों की टीम के साथ पहुंची। सर्च के दौरान पाया गया कि दरोगा के फेफड़े में बल्लम से वार किया गया था। सिपाही देवेंद्र गेहूं के खेत में मृत मिले. दोनों बिना वर्दी के मिले, दोनों के कपड़े मोटरसाइकल पर रखे थे।

घटना के बाद STF की टीमों समेत पुलिस और SOG की कई टीमें गठित की गईं।खुद सीएम योगी और डीजीपी घटना की मॉनिटरिंग कर रहे थे। सीएम योगी ने कासगंज की घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ एनएसए भी लगाया गया था।

चार की पहले हो चुकी थी गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपी मोती के मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी की मां को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी महिला की गिरफ्तारी पुलिस ने उस समय की, जब वह सरावल के पास से जिला छोड़कर भागने की तैयारी में थी। पुलिस ने महिला के पास से वो भाला भी बरामद किया, जिससे सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या की गई थी। दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। जबकि मोती और एलकार एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।

9 फरवरी को हुई थी घटना

गौरतलब है कि 9 फरवरी को कासगंज के थाना सिढ़पुरा के नगला धीमर गांव में अवैध शराब के कारोबार की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना पर कासगंज पुलिस गांव में छापा मारने पहुंची लेकिन शराब माफियाओं को इस बात की खबर पहले ही लग चुकी थी। बदमाशों ने पुलिस टीम को घेर लिया और सब इंस्पेक्टर अशोक और सिपाही देवेंद्र को बंधक बना लिया। इससे पहले कि बाकी पुलिस वाले कुछ समझ पाते, बदमाशों ने दरोगा अशोक और सिपाही देवेंद्र पर हमला कर दोनों को लहूलुहान कर दिया। हमले में सिपाही की मौत हो गई कि जबकि दरोगा बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस वालों को लाठी और लोहे के भाले से मारा गया था।