Home उत्तराखंड राज-काजः सीएम रावत से मिले नीति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजीव

राज-काजः सीएम रावत से मिले नीति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजीव

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संवाददाता
देहरादून, 27 फरवरी।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डा- राजीव कुमार ने आज मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से उनके आवास पर भेंट की। इस दौरान इन दोनों के बीच उत्तराऽण्ड से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की परियोजनाओं के लिए केंद्र की परियोजनाओं की भांति ही डिग्रेडेड फोरेस्ट लैंड पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण की अनुमति दी जानी चाहिए।

राज्य की परियोजनाओं में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए दोगुनी भूमि देनी होती है। जबकि केन्द्र की परियोजनाओं के लिये ऐसा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरेस्ट क्लीयरेंस के लिए जरूरी औपचारिकताओं का सरलीकरण किया जाना चाहिए।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि इन मामलों को नीति आयोग द्वारा सर्वाेच्च प्राथमिकता से लेते हुए संबंधित मंत्रलय से बात की जाएगी। डॉ राजीव कुमार ने कहा कि चीघ के पेड़ हमारे यहाँ की परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं। इन्हें धीरे-धीरे किस प्रकार स्थानीय प्रजाति के वृक्षों से रिप्लेस किया जा सकता है, इसकी योजना बनाई जानी चाहिए। इस संबंध में एफआरआई द्वारा किये गये अध्ययन की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की बात कही।
डॉ राजीव कुमार ने राज्य में एसडीजी (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) के लिए मॉनिटरिंग सैल बनाने का सुझाव दिया। यह बताए जाने पर कि राज्य सरकार की अनेक बाह्य सहायतित परियोजनाओं के प्रस्ताव एआईआईबी व एनडीबी में लम्बित हैं, उन्होंने कहा कि इन मामलों को दिखवा लिया जाएगा।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किये जाने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने हाल ही में जोशीमठ क्षेत्र में आई आपदा और संचालित सर्च रेस्क्यू आपरेशन व राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी भी लगातार इस पर नजर रखे हुए थे। डॉ राजीव कुमार ने कहा कि राज्य में अर्ली वार्निंग सिस्टम के लिये अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक का उपयोग के लिए अध्ययन कराया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, राधिका झा, सौजन्या, हरबंस सिंह चुघ, एसए मुरूगेशन सहित नीति आयोग व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।