Home उत्तराखंड चारधाम यात्रा: 18 मई को खुलेंगे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट

चारधाम यात्रा: 18 मई को खुलेंगे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट

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संवाददाता
नरेन्द्रनगर, 16 फरवरी।

विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 18 मई प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खोले जाएंगे। तेल कलश (गाड़ू घड़ा) यात्र तिथि 29 अप्रैल है। विश्व प्रसिद्ध धाम श्री बदरीनाथ के कपाट खुलने की आज तिथि तय कर दी गई है।

नरेंद्रनगर स्थित राजदरबार में आज पंचांग की गणना के बाद तय किया गया कि 18 मई मंगलवार की सुबह चार बजकर 15 मिनट पर बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। वहीं, तेल कलश (गाडू घड़ा) यात्र 29 अप्रैल से नरेंद्र नगर से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होगी।
प्रत्येक वर्ष बसंत पंचमी के मौके पर बदरीनाथ थाम के कपाट खोलने की तिथि तय होती है। इसके बाद अक्षय तृतीय के दिन उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाते हैं। वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के दिन तय की जाएगी।
आज बसंत पंचमी के पावन मौके पर उत्तराऽंड के टिहरी जनपद स्थित नरेंद्रनगर राजमहल में टिहरी नरेश महाराजा मनुजेंद्र शाह की मौजूदगी में राजपुरोहित ने पंचांग देऽकर बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की। इससे पूर्व आज सुबह डिम्मर से डिमरी धार्मिक केन्द्रीय पंचायत के प्रतिनिधि नरेश डिमरी, एडवोकेट पंकज डिमरी, जयंती प्रसाद डिमरी, संजय डिमरी, अंकित डिमरी आदि गाडू घड़ा लेकर नरेंद्रनगर स्थित राजदरबार पहुंचे। राजदरबार में महारानी महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह और अन्य सुहागिन महिलाओं ने तिल का तेल निकालकर गाडू घड़े में रखा।
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले 29 अप्रैल से गाडू घडी तेल कलश शोभा यात्र नरेंद्र नगर से निकलानी जानी है। जो बद्रीनाथ के पुजारियों के गांव डिम्मर सिमली होते हुए बदरीनाथ पहुंचती है। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद इसी तेल से भगवान बद्रीनाथ का अभिषेक किया जाता है।

आज सुबह गाडू घड़ा ऋषिकेश से बदरीनाथ के लिए रवाना हो गया था। नरेंद्र नगर में से ही इस घड़े में तेल लेकर तेल कलश यात्रा शुरू की जाती है। इस मौके पर बदरीनाथ के रावल ईश्वरी नंबूरी, धर्माधिकारी भुवनचंद उनियाल, डिमरी धार्मिक केन्द्रीय पंचायत कार्यवाहक अध्यक्ष विनोद डिमरी, बदरी केदार मंदिर समिति के पूर्व सदस्य हरीश डिमरी, धर्मानंद डिमरी प्रबंधक विपिन तिवारी, अमर बेलवाल, उदयवीर रमोला, डा- हरीश गौड़, अमित राणा, रमेश डिमरी, चंद्रबल्लभ डिमरी सहित देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी मौजूद थे।