Home उत्तराखंड निर्देश: चारधाम यात्रा के लिए सीबीएनएएटी, टीआरवीईएनएटी, आरटीपीसीआर सहित तीनों टेस्ट अनिवार्य

निर्देश: चारधाम यात्रा के लिए सीबीएनएएटी, टीआरवीईएनएटी, आरटीपीसीआर सहित तीनों टेस्ट अनिवार्य

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कुम्भ और चारधाम यात्रा में कोविड नियमों का पालन जरूरीः महाराज

संवाददाता

देहरादून, 17 अप्रैल।

देश में तेजी से फैल रहे कोविड के नये स्ट्रेन को देखते हुए प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति,धर्मस्व एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने महाकुम्भ और चारधाम यात्रा में आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और साधु-संतों से अनुरोध किया है कि वह धार्मिक परंपराओं और मर्यादाओं का निर्वाहन करने के लिए देह दूरी, सैनिटाइजर और मास्क का प्रयोग करते हुए कोविड नियमों का पालन अवश्य करें, ताकि हम सब एक दूसरे के सहयोग से चारधाम यात्रा और कुंभ का सफलता पूर्वक संचालन कर सकें।

प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति,धर्मस्व एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कुंभ को कोरोना संकट के चलते प्रतीकात्मक रखे जाने की अपील का स्वागत करते हुए हरिद्वार महाकुंभ और चारधाम यात्रा पर अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों साधु-संतों और पर्यटकों को कोविड नियमों का पालन करने के साथ-साथ कार्ट्रिज आधारित न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट, रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट (RTPCR) और टीवी डायग्नोसिस टेस्ट (TRUENAT) को अनिवार्य बताते हुए सभी से अनुरोध किया है कि सभी लोग वैक्सीन अवश्य लगवाएं ताकि हमारे साथ साथ पूरा देश स्वस्थ रहें।  महाराज ने कहा कि कि जो साधु संत कुंभ की पूरी परंपरा का निर्वहन करना चाहते हैं उनका हम हृदय से स्वागत करते हैं। लेकिन साथ ही मैं यह भी कहना चाहता हूं कि 27 और 30 अप्रैल के कुम्भ स्नान में सभी कोविड नियमों का पालन करते हुए देह दूरी, मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग अवश्य करें।

संस्कृति मंत्री महाराज ने बताया कि हरिद्वार में महाकुंभ पर आयोजित होने वाले देव डोलियों का कुंभ स्नान निर्धारित समय पर कोविड नियमों का पालन करते हुए आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में प्रदेश के मुख्यमंत्री से उनकी वार्ता हो चुकी है। इस आयोजन में भी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर की अनिवार्यता रहेगी। श्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा को लेकर सरकार पूरी तरह से तैयार है। कोविड नियमों का पालन करने के साथ-साथ सीबीएनएएटी, टीआरवीईएनएटी और आरटीपीसीआर सहित तीनों टेस्टों को अनिवार्य किया गया है।  । आगे भी मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में हम इसकी समीक्षा समय-समय पर करते रहेंगे, ताकि विधिवत रूप से समय पर मंदिरों के कपाट खोले जा सकें और हमारी जो मर्यादा और परंपरा है उसी के अनुरूप श्रद्धालु दर्शनों का लाभ भी उठा सकें। श्री महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही यात्रियों को उत्तराखंड आने की इजाजत दी जाएगी।