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बड़ी खबर: केंद्र सरकार की तर्ज़ पर उत्तराखंड में भी रद्द हो सकती हैं 12 वीं की बोर्ड परीक्षाएं

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संवाददाता
देहरादून, 02 जून। कोरोना संक्रमण के चलते अन्य सैक्टर की तरह देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी संकट के बादल छा गए हैं। बच्चों की पढ़ाई चौपट होने के बाद अब बोर्ड परीक्षाएं भी मुश्किल में पड़ गईं हैं। लंबी ऊहापोह के बाद आखिरकार केंद्र सरकार को केंद्रीय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। अब उत्तराखंड समेत कई अन्य राज्य भी बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर सकते हैं। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया गया था। इसी फैसले की तर्ज पर काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन यानी सीआईएससीई ने ISC  की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया है।


केंद्र की पहल को देखते हुए अब  उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत कई राज्यों ने 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर पुनर्विचार शुरू कर दिया है। इन राज्यों के साथ ही कई अन्य राज्यों में भी प्रस्तावित बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिये जाने की पूरी संभावना है। हालांकि, सीबीएसई और आईएससी के परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों में असमंजस की स्थिति है। उनका कहना है कि हमें किस प्रकार पास किया जाएगा, किसको क्या ग्रेड दी जाएगी, इसको लेकर वह चिंतित हैं। सीबीएसई इसका मूल्यांकन कैसे करेगा, अब इसका उन्हें बेसब्री से इंतजार है।
प्रधानमंत्री द्वारा सीबीएसई की 12 वीं की परीक्षाएं रद्द कर दिये जाने के बाद संभावना है कि उत्तराखंड में भी अब 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं  रद्द हो सकती हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के मुताबिक, देश में सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा को लेकर जो निर्णय हुआ है। राज्य सरकार उस फैसले से बाहर नहीं हैं। परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षा के संबंध में जल्द ही घोषणा कर दी जाएगी। वहीं, उत्तराखंड बोर्ड के देहरादून रीजन के क्षेत्रीय निदेशक रणवीर सिंह के मुताबिक 1100 स्कूलों के 87000 बच्चे बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत थे, लेकिन हालातों को देखते हुए परीक्षा रद्द करने का फैसला ठीक है। उत्तराखंड में भी 12 वीं की परीक्षा के लिए तैयारी पूरी कर ली गई थी। देहरादून रीजन में 333 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
जहां तक यूपी की बात है, इस मामले को लेकर वहां के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा कराने पर फैसला कोरोना की स्थिति का आकलन करने और मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श करने के बाद ही लिया जाएगा। राज्य में 12वीं की परीक्षा जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित हैं। हालांकि अभी टाइम टेबल जारी नहीं हुआ है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में संक्रमण नियंत्रण की स्थिति को देखते हुए अधिकांश जिलों में कोरोना कर्फ्यू खोल दिया गया है। ऐसे में स्थिति के आकलन के बाद ही अगले कुछ दिनों में इंटरमीडिएट की परीक्षा कराने पर निर्णय लिया जा सकता है।

वहीं, राजस्थान में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लेकर अंतिम निर्णय आज़ (बुधवार)   हो सकता है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने ट्वीट कर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चर्चानुसार आज कैबिनेट की बैठक में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
परीक्षाओं पर निर्णय के संबंध में मंत्री परिषद की बैठक बुधवार शाम पांच बजे मुख्यमंत्री निवास पर होगी। बैठक में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर निर्णय होगा। मंत्रियों को इस बैठक में आने का नोटिस भेजा गया है।
गौरतलब है कि राजस्थान की सत्ता में कांग्रेस काबिज है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने स्वयं परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखा था।

केंद्र के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। पांच जून की कैबिनेट बैठक में इस मसले को लेकर प्रस्ताव रखा जाएगा जिस पर सरकार फैसला लेगी। राज्य सरकार ने बीते दिनों ही स्पष्ट कर दिया था कि सीबीएसई का फैसला आने के बाद राज्य शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
उधर, सीबीएसई की तर्ज पर हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। हालांकि, कोविड की स्थिति सामान्य होने पर विद्यार्थियों के पास परीक्षा देने का विकल्प मौजूद रहेगा। सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द होने के बाद हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने मंगलवार देर शाम यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भविष्य में हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से यह विकल्प रहेगा कि अगर कोई छात्र परीक्षा देना चाहता है तो दे सकता है।