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एम्स: चिकित्सा विज्ञानियों ने दो दिवसीय कार्यक्रम में श्वसन संबंधी देखभाल पर की चर्चा

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 सत्येंद्र सिंह चौहान                                             

ऋषिकेश, 07 जुलाई।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ रेस्पिरेटरी केयर के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन प्लेटफार्म पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम विधिवत संपन्न हो गया। जिसमें देश-दुनिया के विशेषज्ञ चिकित्सा विज्ञानियों ने कोविड-19 के दौरान रेस्पिरेटरी केयर (श्वसन संबंधी देखभाल ) के आधारभूत पर विस्तृत चर्चा की ।    कार्यक्रम में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत व अन्य अतिथियों ने विशेषरूप से शिरकत की। इस अवसर पर संस्थान के पल्मोनरी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर गिरीश सिंधवानी ने एम्स, ऋषिकेश में संचालित किए जा रहे इस पाठ्यक्रम के प्रारूप की जानकारी दी।
कार्यक्रम में कोविड 19 के परिप्रेक्ष में ऑक्सीजन थेरेपी पर विषय विशेषज्ञ जितिन के. श्रीधरन, हाई फ्लो नेसल कैनुला विषय पर मोमिता चक्रवर्ती, नॉन इनवेसिव वेंटिलेशन पर डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी व ऐरोसोलाइज्ड दवाओं पर विशेषज्ञ मधुरा गौरी ने व्याख्यानमाला प्रस्तुत की।  इसके पश्चात सामुहिक परिचर्चा में संस्थान के पल्मोनरी विभाग के डॉक्टर लोकेश कुमार सैनी, तिशा सकारिआ, डॉ. विवेक कुमार, डॉ. वसंता कल्याणी, डेनियल रोली, सुरभि थपलियाल व आकाश सोनी  ने प्रतिभाग किया तथा उपरोक्त विषयों के विभिन्न आयामों पर विचार रखे।  इस दौरान रेस्पिरेटरी थेरेपी में डॉक्टर्स, नर्सेज तथा रेस्पिरेटरी थेरेपिस्ट की भूमिका पर चर्चा की गई। द्वितीय दिवस में समायोजक के रूप में डॉक्टर लोकेश सैनी तथा डॉ. मिहिर गंगाखेड़कर ने हिस्सा लिया। डॉ. मञ्जूष ने एयरवे मैनेजमेंट, रुजुता बगाड़े एवं मुसल्लम अल नजर ने मैकेनिकल वेंटिलेशन, मृदुला ने बच्चों में रेस्पिरेटरी केयर, डॉ. प्रखर शर्मा ने प्रोन पोजिशनिंग व रेणुगा देवी ने पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन तथा कोविड ग्रसित मरीजों की घर पर देखभाल संबंधी जानकारी दी।

इस अवसर पर कोविड19 से पीड़ित रह चुकी व अभी ऑक्सीजन थेरेपी और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन से लाभान्वित हुई मधु व्यास ने इसके बाबत विचार व्यक्त किए। साथ ही उन्होंने अन्य मरीजों तक पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन संबंधी ज्ञान को सरल भाषा में पहुंचाने का संकल्प लिया। एम्स ऋषिकेश व इंडियन एसोसिएशन ऑफ रेस्पिरेटरी केयर (आईएआरसी) के सदस्यों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया गया।