पहल: उत्तराखंड में पहली बार आयोजित होगा मांगल मेला

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केदारनाथ विधायक मनोज रावत की अनूठी पहल

महिपाल सिंह कुंवर
रुद्रप्रयाग, 22 दिसंबर। मांगल और खुदेड़ गीतों के संरक्षण की दिशा में पहली बार इसे मेले के रुप में आयोजित करने की मुहिम शुरू की गई है। केदारनाथ विधायक मनोज रावत की पहल पर मांगल गीतों की एक गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता का शुभारंभ 24 दिसम्बर से शुरू होगा। इस दिन मनसूना,उखीमठ,भणज,दुर्गाधार, कालीमठ,तुलंगा, बसुकेदार में मांगल गीतों का आयोजन किया जाएगा।

25 दिसम्बर को नारी, गुप्तकाशी,जगोठ, चंद्रापुरी,दशज्युला कांडई और जामू में मांगल और खुदेड गीतों का आयोजन किया जाएगा।

26 दिसम्बर को फलासी,परकंडी, सिल्ला, बामणगॉंव में मांगल गीतों का आयोजन किया जाएगा। केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने कहा कि रुद्रप्रयाग की केदारघाटी में मांगल और खुदेड़ गीतों की पौराणिक परंपरा रही है जिसे लोग धीरे धीरे भूलते जा रहे हैं। उनकी कोशिश है कि ये समृद्ध परंपरा फिर से जीवित हो।

मांगल मेले के आयोजन में हर गाँव से एक महिला मंगल दल प्रतिभाग करेगा। ग्रुप में 7 से अधिक महिलाएं नहीं होंगी। खुदेड़ गीत में एक महिला प्रतिभाग करेगी। मांगल गीतों के लिए पुरस्कार राशि भी दी जाएगी। प्रथम पुरस्कार 3500 द्वितीय 2500 और तृतीय 1500, जबकि खुदेड़ गीत के लिए प्रथम 1500, द्वितीय 1000 और तृतीय को 500 की धनराशि दी जाएगी।

केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने कहा कि केदारघाटी में मांगल, खुदेड़, घसियारी और बाजूबंद गीत पहले काफी प्रचलित थे लेकिन पिछले कई सालों से अब इन गीतों का प्रचलन कम हो गया। अब मांगल मेले के द्वारा फिर से इस परंपरा को जीवित करने की कोशिश की जा रही है। प्रथम चरण में गांवों से टीमों का चयन किया जा रहा है। उसके बाद चंद्रापुरी में पूरे विधानसभा की मांगल टीमों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। विधायक रावत ने बताया कि पिछले साल भणज गाँव में मांगल गीतों आयोजन किया गया था जिसमें कई महिलाओं ने प्रतिभाग किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन के बाद मांगल गीतों के संरक्षण और संवर्द्धन में मदद मिलेगी।

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