बड़ी खबर: दुराचारी भी कम नहीं हैं देवभूमि में, एक साल में 872 महिलाओं की लूटी गयी अस्मत

बड़ी खबर: दुराचारी भी कम नहीं हैं देवभूमि में, एक साल में 872 महिलाओं की लूटी गयी अस्मत
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देहरादून। देवभूमि के नाम से प्रचारित उत्तराखंड के लिए शर्मसार करने वाली एक चिंताजनक खबर आई है। शिक्षा और संस्कृति को लेकर जागरूक समझे जाने वाले इस राज्य में वर्ष 2022 के दौरान हुए अपराधों में बलात्कार जैसे घृणित अपराध की संख्या सबसे अधिक है। चौंकाने वाली बात यह है कि बलात्कार के अपराध तकरीबन प्रत्येक जिले में दर्ज हुए हैं, जबकि डकैती, लूट, फिरौती के लिये अपहरण तथा दहेज हत्या के अपराध हर जिले में नहीं हुए। सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को पुलिस मुख्यालय द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना में यह खुलासा हुआ है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) द्वारा सूचना का अधिकार के तहत उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से मांगी गयी सूचना में लोक सूचना अधिकारी ने वर्ष 2022 के गंभीर अपराधों की संख्या का जो विवरण दिया है, वह काफी चौंकाने वाला है। लोक सूचना अधिकारी/अपर पुलिस अधीक्षक (कार्मिक) शाहजहां जावेद खान ने अपने पत्रांक 648 के साथ भारतीय दण्ड संहिता के गंभीर अपराध आंकडे़ 2022 की विवरण की सत्यापित फोटो प्रति उपलब्ध करायी है।


उपलब्ध कराये गये विवरण के अनुसार, वर्ष 2022 में उत्तराखंड में कुल 1321 गंभीर अपराध हुए हैं। इनमें सबसे अधिक 872 बलात्कार, 19 डकैती, 170 लूट, 187 हत्या, 3 फिरौती के लिये अपहरण तथा 70 दहेज हत्या के अपराध शामिल हैं।
उपलब्ध सूचना के अनुसार, उत्तराखंड के 13 जिलों में वर्ष 2022 में 872 बलात्कार के अपराध दर्ज हुए हैं जिसमें सर्वाधिक 247 मामले उधमसिंहनगर जिले में दर्ज किये गये। दूसरे स्थान पर 229 हरिद्वार जिले तथा तीसरे स्थान पर 184 देहरादून जिले में दर्ज हुए हैं। बलात्कार के सबसे कम 1 अपराध रुद्रप्रयाग जिले में दर्ज हुआ है। अन्य जिलों में नैनीताल में 103, अल्मोड़ा में 16, पिथौरागढ़ में 17, बागेश्वर में 10, चम्पावत में 7, उत्तरकाशी में 13, टिहरी गढ़वाल में 15, चमोली में 9 तथा पौड़ी गढ़वाल जिले में 20 बलात्कार के अपराध दर्ज हुए हैं। रेलवे पुलिस (जी.आर.पी) में भी 1 अपराध दर्ज हुआ है।
हत्या के भी कुल 187 अपराध हुए हैं, जिनमें सभी 13 जिलों के अपराध शामिल हैं। सर्वाधिक 49 हत्याएं उधमसिंहनगर जिले तथा दूसरे स्थान पर 39 हरिद्वार तथा तीसरे स्थान पर 34 देहरादून जिले में हुई हैं। सबसे कम 1 हत्या का अपराध चमोली जिले में हुआ है। हत्या के अपराध अन्य जिलों में 22 नैनीताल, 2 अल्मोड़ा, 4 पिथौरागढ़, 5 बागेश्वर, 4 चम्पावत, 6 उत्तरकाशी, 3 टिहरी गढ़वाल, 4 रुद्रप्रयाग, 14 पौड़ी गढ़वाल जिले में दर्ज हुए हैं।


डकैती के 19 अपराध वर्ष 2022 में उत्तराखंड के केवल पांच जिलों में हुए हैं। इनमें सर्वाधिक 8 हरिद्वार, 5 उधमसिंहनगर, 4 देहरादून तथा 1-1 नैनीताल व अल्मोड़ा में हुए हैं।

लूट के 170 अपराध 9 जिलों में हुए हैं। इनमें सर्वाधिक 62 देहरादून, 40 उधमसिंहनगर, 37 हरिद्वार, 19 नैनीताल, 3-3 अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ तथा जी.आर.पी, 1-1 बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल, चमोली जनपद में हुए हैं। फिरौती के लिए अपहरण (364 ए) के 3 अपराध उत्तराखंड के केवल दो जिलों में हुए हैं, जिनमें से 2 उधमसिंहनगर में और तीसरा हरिद्वार जिले में हुआ।
दहेज हत्या के 70 अपराध उत्तराखंड के 9 जिलों में हुए हैं। इनमें सर्वाधिक 24 उधमसिंहनगर, 20 हरिद्वार, 9 नैनीताल, 8 देहरादून, 3-3 पिथौरागढ़ व टिहरी गढ़वाल, 1-1 बागेश्वर, चम्पावत तथा पौड़ी गढ़वाल में हुए हैं।

Parvatanchal

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