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हालात: 45 घंटे बाद हुई  बिजली बहाल, बिजली की लचर व्यवस्था से उपभोक्ता परेशान 

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दो रात अंधेरे के साये में रहे क्षेत्रवासी, लोगों का कहना है फ्री नहीं 24 घंटे नियमित बिजली चाहिए

एक साल से महीने में 15 दिन भी ढंग से नहीं होती विद्युत आपूर्ति

दिन में कम से कम 20 बार होती है बिजली की आंख मिचौली 

गजे सिंह बिष्ट
ग्वालदम, 21 जुलाई।

पिछले एक साल से ग्वालदम क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था चरमराई हुई है। सप्ताह में दो-तीन दिन बिजली गुल रहना आम बात हो गई है। एक ओर प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को 100 यूनिट बिजली फ्री देने की बात कर रही है, वहीं ग्वालदम के लोगों को महीने में 15 दिन भी बिजली की रोशनी नसीब नहीं हो रही है। 18 जुलाई को करीब 4 बजे गुल हुई बिजली 20 जुलाई को ठीक 12ः40 बजे बहाल की गई। दो दिन तक लोगों को अंधेरे के साये में रहना पड़ा। करीब 45 घंटे बाद बिजली बहाल की गई। इसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों स्कूल के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। लेकिन यहां बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है।

स्थानीय निवासी नरेंद्र परिहार, रमेश परिहार, कमल पांडे व अशोक कुमार आर्य आदि ने बताया कि जितना सरकार 100 यूनिट बिजली फ्री देने का दम भर रही है, उससे अच्छा तो ये होता कि सरकार बिजली आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखे । 24 घंटे बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। आए दिन बिजली गुल रहने से फोटो स्टेट और अन्य व्यवसाय चौपट हो गया है। बिजली का भारी भरकम बिल लिया जाता है। दिन में कम से कम 20 बार बिजली की आंख मिचौली रहती है। पहाड़ों में लोगों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था से लोग परेशान हैं। बिजली का भारी भरकम बिल लिया जाता है। कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद भी बिजली की समस्या का निराकरण नहीं किया जा रहा है।