Home उत्तराखंड उत्तराखंडवासियों को मोटर एक्ट के तहत जुर्माने में 50 फीसदी छूट

उत्तराखंडवासियों को मोटर एक्ट के तहत जुर्माने में 50 फीसदी छूट

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देहरादून।  मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित कैबिनेट बैठक में  कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने पहली सितंबर से लागू नये मोटर एक्ट में भारी-भरकम जुर्माने से परेशान लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। कैबिनेट मंत्री एवं शासन के प्रवक्ता मदन कौशिक ने  प्रेस ब्रीफिंग कर कुछ महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी । कौशिक के अनुसार, मोटर अधिनियम 1988 में संशोधन किये गये हैं। केंद्र के द्वारा जारी किए गए न्यू मोटर व्हीकल एक्ट के कुछ नियमों के जुर्माने में लगभग 50 फीसदी तक की छूट दी गई है, जबकि धारा 177, 178, 178 (2), 178 (3)(क), 112 के नियम में दिए गए जुर्माने को यथावत रखा है। धारा 180 में जुर्माना राशि को 5,000 से घटाकर 2,500 किया गया है। धारा 7 में यानी गाड़ी के मोडिफिकेशन पर जुर्माना एक लाख से घटाकर 50 हज़ार किया गया है। धारा 182 (ख) में 10,000 जुर्माने को घटाकर 5,000 कर दिया गया है। ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण के लिए 10,000 की जगह 2500 का जुर्माना और क्षमता से अधिक सवारी ले जाने पर 200 रुपये प्रति सवारी जुर्माना वसूला जाएगा। सीट बेल्ट पर एक हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान। अग्निशमन, एंबुलेंस को रास्ता ना देने पर 10,000 से घटाकर 5,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। गलत नंबर प्लेट लगाने पर 5000 का जुर्माना देय होगा। वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करते समय पहली बार में 1000 का चालान होगा दूसरी बार में 2000 रुपये का चालान होगा। खतरनाक ढंग से वाहन चलाने पर 2000 रुपये का जुर्माना जबकि ओवर स्पीड चलने पर 2000 रुपये का  जुर्माना वसूला जाएगा। यहां यह बता दें कि इस कैबिनेट में कुल 16 मुद्दों के प्रस्ताव आये थे। जिसमें  मनरेगा में प्रस्तावित पदों की संख्या में  5 फ़ीसदी बढ़ोतरी हुई  । कैंपा के तहत पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मिली मंजूरी। उत्तराखंड राज्य सरकारी संपत्ति विभाग के समूह ग में हुआ आंशिक संशोधन। एच आर ए सी सी में किया आंशिक संशोधन। इस बैठक में मोटर व्हीकल एक्ट में राज्य सरकार ने आंशिक संशोधन किया है। यान संचालन के लिए लाइसेंस धारण के लिए लाइसेंस कैंसिल होने की अवधि में भारत सरकार के मुताबिक 10000 का जुर्माना वसूला जाएगा लेकर राज्य सरकार ने आंशिक संशोधन करते हुए 5000 किया जुर्माना। निर्माता आयातकर्ता या डीलर द्वारा अनाधिकृत वाहनों को विक्रय करने या प्रस्ताव करने पर भारत सरकार ने जुर्माना 100000 लगाया था लेकिन राज्य सरकार ने इसे कम कर 50000 निर्धारित कर दिया है।