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शिकंजा: 12 वर्षों से फरार ठग दंपत्ति गिरफ्तार, दस-दस हजार के ईनामी हैं दोनों

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संवाददाता

देहरादून, 23 दिसंबर।

दून पुलिस को वर्ष 2008 से फरार चल रहे ईनामी दम्पत्ति संजीव बस्सी व उसकी पत्नी नवीता बस्सी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। पुलिस को जानकारी मिली कि इन इनामी दंपत्ति का पुत्र पूर्व में देहरादून के एक स्कूल में अध्यनरत था। जिस पर पुलिस टीम द्वारा संस्थान से इनके पुत्र से सम्बन्धित विवरण व अन्य दस्तावेजों लिए। इसमें वांछित दंपत्ति के पुत्र का मोबाईल नम्बर मिला।  मोबाईल नम्बर की काल डिटेल निकालने पर पुलिस टीम को मफरुर दम्पत्ति के मोबाईल नम्बर की जानकारी प्राप्त हुयी। जिसके बाद मोबाईल नम्बरों की लोकेशन मुम्बई, गुजरात, राजस्थान, नोयडा आदि जगहों पर मिली। जिस पर थाना डालनवाला से एसआई अरूण असवाल के नेतृत्व में एक एडवांस टीम को सुरागरसी-पतारसी हेतु नोयडा, दिल्ली रवाना किया गया।  मुखबिर व सर्विलांस पुलिस टीम को मफरूरों के गोर सिटी नोयडा में होने के सम्बन्ध में जानकारी मिली। प्रभारी निरीक्षक डालनवाला के नेतृत्व में एक टीम को अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु नोयडा रवाना किया गया। टीम संजीव बस्सी व उसकी पत्नी नवीता बस्सी को थाना डालानवाला में दर्ज मुकदमों में नोयडा स्थित गोर सिटी के प्लेट न० 560, टावर विस्टेरिया, गोर सुन्दरियम, ग्रेटर नोटडा वैस्ट, गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। जिन्हे बाद गिरफ्तारी देहरादून लाया गया।

पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हमने वर्ष 2006 में राजपुर रोड अजन्ता होटल के पास ज्वैलरी की दुकान खोली थी, करीब दो वर्ष तक ज्वैलरी का काम करने पर हमने अन्य ज्वैलर्स को देखकर किट्टी कमेटी का कार्य शुरू किया तथा किट्टी पार्टी का आयोजन करने लगे थे। हमारी किट्टी कमेटी में करीब 600 लोग जुड़े थे। किट्टी के कार्य में धीरे-धीरे हमारे पास लोगों के करीब 60-70 लाख रूपये जमा हो गये थे, और सभी लोग हमसे पैसे वापस देने का दबाव बनाने लगे थे, तो हम लोग सारा पैसा लेकर  पूरे परिवार सहित सूरत गुजरात में फरार हो गये थे। हमें किसी माध्यम से पता लगा कि वर्ष 2008 में किट्टी कमेटी की सदस्य सुधा पटवाल द्वारा हमारे खिलाफ थाना डालनवाला मे धोखाधड़ी का अभियोग पंजीकृत  कराया गया है। तब से हम अपनी पहचान छिपाकर पहले सूरत गुजरात में, उसके बाद वर्ष 2014 से मुम्बई में तथा अब करीब एक माह से गोर सिटी, नोयडा में रह रहे थे।