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​राज-काज: राजस्व वृद्धि पर ध्यान दे वन विभाग, सीएम रावत ने दिए निर्देश

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चरेेख डांडा में अन्तरराष्ट्रीय शोध संस्थान के लिए जल्द डीपीआर के निर्देश
संवाददाता
देहरादून, 4 नवंबर।
 मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के साथ वन, सेवायोजन एवं कौशल विकास, श्रम तथा आयुष विभाग की समीक्षा की।
          वन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुकिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया जाय। ऑनलाईन बुकिंग के लिए एप विकसित किया जाए। व्यावसाईयों के लिए जो रवन्ने जारी हो रहे हैं, उनकी चैक पोस्ट पर नियमित चैकिंग की जाए। वन विभाग द्वारा जहां भी वृक्षारोपण करवाया जा रहा है,उन वृक्षों की सुरक्षा के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाई जाय। वन विभाग द्वारा राजस्व वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जाय। औषधीय आधारित ग्रोथ सेंटर विकसित करने के लिए योजना बनाई जाय।  कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कार्बेट टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत ढेला ‘रेस्क्यू सेन्टर’ एवं पाखरो ‘टाइगर सफारी’ की स्थापना का कार्य प्रगति पर है, गर्जिया टूरिज्म जोन की स्थापना की जा रही है। धनगढ़ी म्यूजियम का उच्चीकरण किया जा रहा है। वर्षा जल संरक्षण की दिशा में 02 वर्षों में लगभग 68.37 करोड़ ली0 वर्षा जलसंचय की संरचनाओं का निर्माण किया गया।    आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिये कि आयुष विभाग द्वारा लोगों को योग, प्रणायाम डाइट चार्ट एवं आयुष से संबधित विभिन्न गतिविधियों के बारे में विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जाय। अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रयास किये जाय कि अधिकांश जगह पर लोगों को आयुष, होम्योपैथी एवं ऐलोपैथिक सुविधाएं मिल जाये। जिन जनपदों में आयुष विभाग का अपना भवन नहीं हैं, जिलाधिकारियों के माध्यम से लंबे समय से खाली सरकारी भवनों या स्कूलों में व्यवस्था की जाय। चरक डांडा में अन्तरराष्ट्रीय शोध संस्थान के लिए जल्द डीपीआर बनाई जाय।सेवायोजन एवं कौशल विकास की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन 25 आईटीआई को अपग्रेड किया जा रहा है। उनमें प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था के साथ ही प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों के प्रतिभा प्रदर्शन एवं प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन एवं मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाय। समय एवं परिस्थितियों के साथ आईटीआई के स्वरूप में बदलाव लाना होगा। कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाय कि उत्तराखण्ड के औद्योगिक संस्थानों में 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। इसके लिए उद्योग विभाग की जिम्मेदारी तय की जाय।
           इस अवसर पर पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी, मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार डॉ़ नरेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव अमित नेगी, हरबंस सिंह चुघ, शैलेष बगोली, डॉ. रणजीत सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक रंजना काला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते आदि मौजूद रहे।